By अभिनय आकाश | Jun 11, 2026
अमेरिका के लगातार दूसरी रात हवाई हमले करने के बाद, दोनों देशों के बीच दो महीने से चल रहा तनावपूर्ण संघर्ष-विराम तेज़ी से कमज़ोर पड़ रहा है। गुरुवार को ईरान के विदेश मंत्रालय ने अब तक की सबसे कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वॉशिंगटन की सैन्य कार्रवाइयों ने बड़ी मुश्किल से हुए संघर्ष-विराम को "लगभग बेमतलब" बना दिया है। तनाव में यह हालिया बढ़ोतरी वॉशिंगटन के उन आरोपों के बाद हुई है जिनमें कहा गया है कि ईरान ने इस हफ़्ते की शुरुआत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी सेना का अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया था। इसके बाद US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मोज़गन जैसे दक्षिणी प्रांतों में ईरानी एयर डिफेंस नेटवर्क, रडार साइटों और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को निशाना बनाते हुए "आत्मरक्षा में हमले" किए।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने गुरुवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद एयरबेस पर स्थित 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि चेतावनी देने वाले सायरन बजा दिए गए हैं। ये हमले दोनों पक्षों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव में एक नया मोड़ हैं, जिससे पूर्ण पैमाने पर संघर्ष के फिर से शुरू होने का डर पैदा हो गया है। अप्रैल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच एक नाज़ुक युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद यह संघर्ष रुक गया था।
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने लगातार दूसरे दिन ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर आरोप लगाया था कि वह अस्थायी शांति समझौते पर बातचीत में देरी कर रहा है। CENTCOM ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक अपडेट में कहा कि CENTCOM की सेनाओं ने पूरे ईरान में ईरानी सेना की निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और हवाई सुरक्षा ठिकानों पर हमले किए।