By अंकित सिंह | Mar 26, 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि तेहरान ने भारत सहित 'मित्र देशों' के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। भारत के अलावा, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को भी संघर्षग्रस्त समुद्री मार्ग से सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया है। ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में, अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लगभग पांचवें हिस्से को संभालता है, को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है, क्योंकि ईरान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखने वाले कई देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति दी गई है।
ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इजराइल व खाड़ी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए। ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गयी। ईरान ने यह जवाबी हमले ऐसे समय में किये हैं, जब इजराइल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और वाशिंगटन ने क्षेत्र में पैराट्रूपर्स व अधिक संख्या में मरीन सैनिकों की तैनाती की।
ईरान के सरकारी समाचार प्रसारक ‘प्रेस टीवी’ ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। प्रेस टीवी की यह खबर पाकिस्तान द्वारा ईरान को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद आई है। प्रेस टीवी ने अधिकारी के हवाले से बताया, “ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा चाहेगा और जब उसकी शर्तें पूरी होंगी।” अधिकारी ने बताया कि तेहरान पश्चिम एशिया में अपने ‘जोरदार हमले’ जारी रखेगा। ईरान को प्रस्ताव सौंपने वाले पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने 15 बातों का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना, मिसाइलों की सीमा तय करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है।