Pakistan में नहीं अब भारत में होगी ईरान पीस डील? आसिम मुनीर हैरान

By अभिनय आकाश | Apr 23, 2026

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अब भारत की भूमिका को लेकर भी नई चर्चा शुरू हो गई है। जिस समय अमेरिका और ईरान के बीच टकराव कम होने के बजाय और जटिल होता दिखाई दे रहा है। उसी बीच जर्मनी से भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक अहम बयान सामने आया है। रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि फिलहाल भारत सीधे तौर पर मध्यस्थता की भूमिका में नहीं है। लेकिन आने वाले समय में परिस्थितियां बदल सकती हैं। तो भारत इस दिशा में अपनी भूमिका निभा सकता है। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की संभवित भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जर्मनी में बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत ने अपनी ओर से शांति की कोशिशें पहले भी की है। उन्होंने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों से युद्ध समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। 

इसे भी पढ़ें: Trump का बड़ा ऐलान, Iran संग Peace Talks पर बोले- Friday तक मिलेगी Good News

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति का आधार टकराव नहीं बल्कि बातचीत है और भारत यही चाहता है कि युद्ध जल्द समाप्त हो और क्षेत्र में स्थाई शांति स्थापित हो सके। रक्षा मंत्री ने हॉर्मोज स्ट्रेट की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से पूरा होता है और ऐसे में उस क्षेत्र में पैदा होने वाला कोई भी संकट भारत पर सीधा असर डाल सकता है। उन्होंने आगे कहा आज दुनिया इतनी जुड़ी हुई है कि किसी भी क्षेत्रीय संकट को सिर्फ उसी इलाके तक सीमित नहीं माना जा सकता। पश्चिम एशिया का तनाव सिर्फ एक तेल की कमियां तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसका असर वैश्विक आर्थिक स्थिति, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। 

प्रमुख खबरें

Stock Market Opening | कच्चे तेल की तपिश में झुलसा शेयर बाजार, Sensex 530 अंक टूटा, Nifty 24,200 के स्तर पर

Mirzapur Road Accident | मिर्ज़ापुर में भीषण सड़क हादसा! ढलान पर ट्रक के ब्रेक फेल होने से मचा कोहराम, 11 लोगों की दर्दनाक मौत

Donald Trump की Nasty या Nice लिस्ट! ईरान युद्ध में साथ न देने वाले NATO सहयोगियों पर गिर सकती है गाज

Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी पर गंगा स्नान का है विशेष महत्व