भले ही कोई पक्ष हो, नफरती भाषण देने वालों से कानून के तहत निपटें: उच्चतम न्यायालय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 19, 2023

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि ‘चाहे किसी भी पक्ष का हो’, नफरती भाषण देने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस. वी. एन भट्टी की पीठ ने विभिन्न राज्यों में नफरत फैलाने वाले भाषणों पर अंकुश लगाने के निर्देश संबंधी याचिकाओं पर एक संक्षिप्त सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। इन याचिकाओं में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के नूंह-गुरुग्राम हिंसा मामले के मद्देनजर मुसलमानों के सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार का आह्वान करने वाले हिंदू संगठनों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी एक याचिका भी शामिल है।एक वकील ने पीठ के समक्ष दावा किया कि केरल की एक राजनीतिक पार्टी ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ (आईयूएमएल) ने जुलाई में राज्य में एक रैली आयोजित की थी, जहां ‘हिंदुओं की मौत’ जैसे नारे लगाए गए थे।

न्यायमूर्ति खन्ना ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा, ‘‘मैंने तहसीन पूनावाला के मामले में 2018 के फैसले और इस अदालत द्वारा जारी दिशानिर्देशों को पढ़ा है। मुझे उम्मीद है कि दिशानिर्देशों का सख्ती से अनुपालन किया जा रहा है।’’ प्रमुख याचिकाकर्ताओं में से एक शाहीन अब्दुल्ला का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील निज़ाम पाशा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नफरत का कोई पक्ष नहीं होता है। पीठ ने उसके बाद याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को लिखित दलीलें पेश करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तिथि निर्धारित की।

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