By नीरज कुमार दुबे | Jun 20, 2024
प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में हमने इस सप्ताह ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री ने अमेरिका पर आरोप लगाये हैं कि वह हथियार भेजने में देरी और आनाकानी कर रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री ने अपनी वार कैबिनेट भी भंग कर दी है। इस सबका इजराइल-हमास संघर्ष पर क्या असर पड़ सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया हैरान है कि आखिर इजराइल के प्रधानमंत्री को हो क्या गया है। उन्होंने कहा कि पग-पग पर इजराइल का साथ दे रहे अमेरिका के बारे में जो कुछ कहा गया है वह गलत इसलिए है क्योंकि राष्ट्रपति जो बाइडन को इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनावों को देखते हुए भी कई फैसले लेने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू राजनीति कभी-कभी फैसलों पर हावी हो ही जाती है लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि इजराइल पर हमास के हमले के बाद सबसे पहले बाइडन ही यरूशलम पहुँचे थे और अपना पूर्ण समर्थन दिया था।
ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि जहां तक इजराइल की घरेलू राजनीति में चल रही उठापटक की बात है तो इसमें कोई दो राय नहीं कि नेतन्याहू चौतरफा घिरे हुए हैं। एक तो उन पर दबाव है कि वह हमास को पूरी तरह खत्म करें। दूसरा उन पर दबाव है कि वह प्रधानमंत्री पद छोड़ें। उन्होंने कहा कि लेकिन नेतन्याहू के रुख से स्पष्ट झलकता है कि वह ऐसे नेता के रूप में इतिहास में दर्ज नहीं होना चाहते जो युद्ध के समय विफल हुआ हो इसलिए वह घरेलू राजनीति और हमास से युद्ध की चुनौतियों पर विजय पाने के लिए लगे हुए हैं।