क्या ब्रिटेन भारत को कोहिनूर वापस लौटाने वाला है? ग्रीस के साथ हुए 'पार्थेनन साझेदारी' से जगी उम्मीद

By अभिनय आकाश | Aug 02, 2022

ब्रिटेन के चर्चित कॉमेडियन रसेल हावर्ड ने एक बार कहा था कि "The british museum is great for seeing how excellent we were at stealing things" यानी ब्रिटिश संग्रहालय इस बात का सबसे शानदार उदाहरण है  कि हम चीजें चुराने में कितने माहिर थे। ब्रिटिश म्यूजियम की जो ऐसी कलाकृतियां से भरा पड़ा है जिसे दूसरे देशों से या तो चुरा लिया गया था या गलत तरीके से लिया गया था। लेकिन यूनाइटेड किंगडम ने लगभग 200 वर्षों के बाद ग्रीस के एल्गिन मार्बल्स की वापसी का प्रस्ताव दिया है। ब्रिटिश संग्रहालय के उप निदेशक ने ग्रीस के साथ एक "पार्थेनन साझेदारी" का प्रस्ताव रखा है जिसने 200 से अधिक वर्षों के बाद एथेंस में पत्थरों की वापसी की उम्मीद जगा दी है। इस प्रक्रिया के बाद ब्रिटेन से उन भारतीय कलाकृतियों की वापसी की पहल करने की भी उम्मीद की जाने लगी है जिन्हें औपनिवेशिक काल के दौरान भारत से अपने साथ ले गए थे। 

इसे भी पढ़ें: Ready4Rishi अभियान के तहत ऋषि सुनक ने कही बड़ी बात, विदेशी अपराधियों को निर्वासित करने की प्रक्रिया करेंगे तेज

भारत से चुराए गए और अब ब्रिटेन में रखे गए साज-ओ-सामान की सूची बहुत लंबी है। इन कलाकृतियों में सबसे चर्चित नाम कोहिनूर हीरे का है। दुनिया में हर चीज की एक कीमत होती है कोहिनूर एक ऐसी चीज है जिसकी आज तक कोई कीमत लगा नहीं पाया।  इस पर भारत के अलावा, पाकिस्तान और ईरान भी दावा करते रहे हैं। साल 2016 में  भारत सरकार ने फिर से ब्रिटिश सरकार से कोहिनूर समेत सारी कलाकृतियां लौटाने का आग्रह किया था। इसके जवाब में ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने लिखा, "ब्रिटिश म्यूजियम एक्ट 1963 के तहत राष्ट्रीय संग्रहालयों से चीजें हटाना वर्जित है। लेकिन ग्रीस के साथ हालिया समझौते के बाद कोहिनूर के भारत लौटने की थोड़ी सी ही सही लेकिन आस तो जरूर जगी है। वैसे भी हम आजादी के 75वें साल में भी इतिहास उसी दहलीज पर खड़ा है कि कब कोहिनूर वापस भारत में लौटेगा।  

प्रमुख खबरें

Modi Rubber की 59 एकड़ जमीन के अवैध ट्रांसफर पर Allahabad High Court ने दिए नए सिरे से जांच के आदेश

Rajya Sabha चेयरमैन CP Radhakrishnan ने गठित की विभिन्न समितियां, खरगे भी शामिल

Womens Asia Cup: Smriti Mandhana के 124 रन से भारत सेमीफाइनल में, हांगकांग को 137 रन से रौंदा

AISA ने छात्र आंदोलनों को एकजुट करने के लिए बनाया National Platform