By अनन्या मिश्रा | Feb 12, 2026
आज के समय में छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। आसपास फैली निगेटिविटी की वजह से लोगों को तनाव हो रहा है। आधुनिकता के इस दौर में लोगों का लाइफस्टाइल बिगड़ चुका है। विश्व भर में करीब 300 मिलियन लोग डिप्रेशन की समस्या से गस्त हैं। इसलिए हर व्यक्ति को न सिर्फ फिजिकली बल्कि मेंटली भी फिट होना जरूरी है। हर व्यक्ति के जीवन में विपरीत परिस्थितियां जरूर आती हैं। जब आप उन परिस्थितियों के हिसाब से नहीं ढल पाते हैं, तो व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो जाता है।
इन दिनों बढ़ता वर्क प्रेशर और भावनाओं पर कंट्रोल की कमी के कारण तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में हर समय सोचना, नींद न आना, भूख का अचानक से बढ़ जाना या घर जाना इसके संकेत होते हैं। यह डिप्रेशन के शुरूआती लक्षण होते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको डिप्रेश के संकते और इससे बचने के उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं।
हर समय एकांत की तलाश में रहना
लोगों से कम बातचीत करना
किसी भी काम पर फोकस नहीं कर पाना
पूरी नींद न लेना
भूख बढ़ना या फिर कम हो जाना
हर समय उदास रहना
आत्म नियंत्रण की कमी होना
अकेलापन तनाव का कारण बनने लगता है। अकेलापन व्यक्ति को अंदर ही अंदर मानसिक रूप से खोखला बना देता है। ऐसे लोगों को हर व्यक्ति में सिर्फ कमियां नजर आती हैं। जोकि उनके झुंझलाहट की वजह होती है। खुद को डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए लोगों में मजबूत बॉन्डिंग बनाने की कोशिश करें। दूसरों पर विश्वास करना सीखें। इससे आपके पर्सनल रिश्ते में भी मजबूती आएगी।
अपने विचारों को लिखने के साथ-साथ उनको एक्सप्रेस भी करें। जो भी आप महसूस करते हैं, उसको जाहिर होने दें। दिन भर में कुछ समय दोस्तों से बातचीत करें। अपने परिवार के साथ समय बिताएं, बच्चों के साथ खेलें और उनके विचारों को जानें। इन चीजों से आपका तनाव खुद ब खुद दूर होने लगेगा। साथ ही अभिव्यक्ति आपके अंदर के डर को खत्म करने सुकून पहुंचाएगी। इससे आपकी मेंटल हेल्थ भी सही रहेगी।
सिडेंटरी लाइफस्टाइल को छोड़कर कुछ समय एक्सरसाइज के लिए भी निकालना चाहिए। इससे न सिर्फ आप चिंतामुक्त हो पाते हैं, बल्कि आप फिजिकली भी फिट रहते हैं। दिनभर में वॉक के साथ ही योगासन और हाई इंटसिटी एक्सपरसाइज को भी शामिल करें। अपनी पसंदीदा एक्टिविटी आपको तनाव जैसी समस्या से बाहर निकालने में मदद करेगा। इसके साथ ही आप डांसिंग और एरोबिक्स कर सकते हैं, यह भी मेंटल हेल्थ के लिए लाभकारी है।
नींद न आना खराब लाइफस्टाइल का संकेत है। अगर आपको मेडिकल रीजन या कैफीन इनटेक की वजह से नींद नहीं आती है, तो आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाना चाहिए। करीब 6 से 8 घंटे की नींद लेना जरुरी है। इससे तनाव खुद ब खुद दूर होने लगता है। इससे आलस और बार-बार झपकी आने की समस्या भी कम हो सकती है। रात को खाना खाने के बाद वॉक करना जरूरी है। इससे न सिर्फ कैलोरीज बर्न होती हैं, बल्कि थकान से भी नींद आने लगती है। ज्यादातर वह लोग जो दिनभर कोई काम न करते हुए समय बिताते हैं, उन लोगों को नींद न आने की दिक्कत से दो चार होना पड़ता है।
स्लिम होने के लिए अगर आप मील को स्किप करते हैं, तो यह डिप्रेशन की वजह साबित होता है। ऐसे में सभी पोषक तत्वों को लेना जरूरी होता है। पौष्टिक तत्वों की कमी शरीर में थकान, कमजोरी और अनिद्रा की वजह बनती है। इससे चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है, जोकि डिप्रेशन की समस्या को बढ़ा देता है। मेंटली रूप से स्वस्थ रहने के लिए मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।