By अनन्या मिश्रा | Jun 03, 2026
अक्सर गर्मी के मौसम में खाना खाने के फौरन बाद पेट में जलन, एसिडिटी या भारीपन लगने लगता है। अगर आपको भी यह महसूस होता है, तो यह पेट की गर्मी के लक्षण हैं। तेज गर्मी के कारण कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है, जोकि बाद में पेट की गंभीर समस्या के रूप में सामने आती है। बाहर के बढ़ते तापमान का असर आपके पेट पर भी होता है। गर्मी के मौसम में पाचन तंत्र में असंतुलन होने की वजह से पेट फूलन, एसिड रिफ्लक्स, ब्लोटिंग और खाना हजम न होने जैसी समस्याएं होती हैं।
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। डिहाइ़ड्रेशऩ की वजह से शरीर का तापमान बढ़ता है और पेट से गर्मी निकलती है।
जब आप ज्यादा खाना खाते हैं, तो इससे भी पाचन तंत्र पर प्रेशर पड़ता है। जिससे पेट में एक्स्ट्रा गर्मी पैदा होती है।
बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन की वजह से पेट की गर्मी और आंतों में सूजन आ सकती है। क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं, वहीं बासी खाना या फिर दूषित स्ट्रीट फूड खाने से भी पेट में इंफेक्शन बढ़ता है।
पेट में लंबे समय तक गर्मी रहने से आंतों में सूजन और अल्सर बनने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
इस मौसम में पेट को ठंडा रखने और पाचन तंत्र को मजबूत रखने के लिए पेय पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।
कैमोमाइल चाय पाचन तंत्र को आराम देती है और एसिडिटी की समस्या को भी कम करने में सहायता करती है।
आप हिबिस्कस चाय का सेवन कर सकते हैं, यह तापमान को कंट्रोल करने और शरीर को ठंडक प्रदान करती है।
गर्मियों में पुदीने की चाय का सेवन कर सकते हैं। यह पेट फूलने के राहत दिलाती है और पाचन क्रिया भी बेहतर होती है।
पुदीना का पानी, सौंफ और धनिया का पानी, दही, सत्तू, नारियल पानी और छाछ आदि का सेवन करना चाहिए। यह भी पेट को ठंडा रखता है। आप चाहें तो रोजाना सुबह के समय गोंद का पानी भी सकते हैं। यह पूरा दिन पेट को ठंडक देता है। वहीं इस मौसम में चिया सीड्स भी भिगोकर खाना चाहिए।
गर्मी के दिनों में भोजन हमेशा हल्का करना चाहिए, मसलन आपको अगर तीन रोटी की भूख है, लेकिन आपने दो रोटी खाई है तो पेट हैवी नहीं होगा। इस मौसम में छिलके वाली या मूंग की धुली दाल, तूहर दाल, दलिया, खिचड़ी, रागी आदि का आहार पेट के लिए बेहतरीन विकल्प है। दरअसल, इस मौसम में जल्दी पचने वाला भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। आप चाहें तो दही चावल, किनुआ, पोहा भी खा सकते हैं। पाचन तंत्र मजबूत करने के लिए फाइबर युक्त आहार भी जरूरी है।
मसालेदार और हैवी खाना खाने से पाचन क्रिया स्लो हो जाती है। इसलिए प्रयास करें कि गर्मियों में डिब्बा बंद चीजें, तली-भुनी चीजें और रेडी टू इट फूड्स से दूरी बनाएं। ऐसा खाना खाने से एसिडिटी बढ़ने की संभावना रहती है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक तेज गर्मी और शरीर में पानी की कमी का सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। गर्मी में तापमान कंट्रोल रखने के लिए शरीर ज्यादा पानी खर्च करता है। अगर शरीर में पानी की कमी होती है, तो पाचन स्लो हो जाता है। जिसकी वजह से कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे मौसम में कैफीन का अधिक सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है।
गर्मियों में लोगों को फूड इंफेक्शन और पेट खराब होने की शिकायत ज्यादा रहती है। इसलिए इस मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए। वहीं लंबे समय तक भूखे रहने से भी एसिडिटी की समस्या बढ़ती है। एक बार में नहीं बल्कि थोड़ी मात्रा में भोजन करना बेहतर होता है। वहीं देर रात हैवी खाना, ज्यादा मसालेदार खाना और बाहर की खुली चीजों को खाने से पेट में जलन हो सकती है। वहीं अगर बार-बार दस्त, उल्टी, पेट दर्द या ब्लोटिंग की समस्या हो रही है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए।