By रेनू तिवारी | Feb 08, 2026
पाकिस्तान की सेना ने कहा है कि उसने शुक्रवार को इस्लामाबाद मस्जिद में हुए जानलेवा बम धमाके में हमलावर की मदद करने वाले चार "मददगारों" को गिरफ्तार किया है। सीमा पार हमलों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अधिकारी सुरक्षा अभियान तेज कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को राजधानी में हजारों लोग हमले के पीड़ितों को दफनाने के लिए इकट्ठा हुए। इस हमले में कम से कम 32 नमाजियों की मौत हो गई और 170 अन्य घायल हो गए।
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के क्षेत्रीय सहयोगी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट इन पाकिस्तान’ ने शनिवार को इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुये भयावह विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। इस बीच, विस्फोट के एक साजिशकर्ता समेत चार लोगों को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से गिरफ्तार किया गया है। पेशावर के रहने वाले 32 वर्षीय आत्मघाती हमलावर यासिर ने शुक्रवार को इस्लामाबाद के उपनगर तारली स्थित शिया मस्जिद में घुसकर आत्मघाती विस्फोट किया।
घटना के समय लोग वहां नमाज अदा कर रहे थे। शुरुआत में 31 लोगों की मौत हुई और 169 घायल हुए, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में कुछ गंभीर रूप से घायल लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। इस्लामिक स्टेट अथवा दाएश की एक शाखा, ‘इस्लामिक स्टेट इन पाकिस्तान’ ने अपनी अमाक न्यूज एजेंसी पर एक बयान में इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जब सुरक्षा गार्ड ने उसे गेट पर रोकने की कोशिश की तो हमलावर ने उन पर गोली चलाई और मस्जिद के अंदर नमाजियों के निकट विस्फोट कर दिया।
इस बीच, पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने हमले के मुख्य साजिशकर्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां खुफिया जानकारी के आधार पर खैबर पख्तूनख्वा से की गयी है। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ किया जा रहा है, क्योंकि यह स्पष्ट हो गया है कि आत्मघाती हमलावर अफगानिस्तान जाता था और वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करता था।