By अभिनय आकाश | Feb 28, 2026
तेहरान के सड़कों पर अब मिलिट्री एक्शन दिख रहा है। ईरान के बड़े लोगों को निशाना बनाए जाने के इस वक्त बहुत बड़ी जानकारी वहां से मिल रही है। अभी थोड़ी देर पहले आप जो जिक्र कर रही थी कि मेहराबाद एयरपोर्ट पर अटैक हुआ है। वहां से खामनेई का जो ठिकाना है वो बहुत ज्यादा दूर नहीं है। वो ना केवल एक वीवीआईपी इलाका है बल्कि जिस शरीफ यूनिवर्सिटी की बात की जाती है जहां पर कई इंडियन स्टूडेंट्स पढ़ने जाते हैं पाकिस्तानी स्टूडेंट्स पढ़ने जाते हैं वो शरीफ यूनिवर्सिटी वहां से सिर्फ 1 किमी दूर है। आजादी टावर जो कि ईरान की पहचान है, तहरान की पहचान है, वो वहां से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर है और अब वहां पर भी खतरा मंडरा रहा है। यानी ना केवल वीवीआईपी इलाके ना केवल मार्केट ना केवल व्यापारिक केंद्र बल्कि वहां की यूनिवर्सिटीज वहां के एयरपोर्ट।
हमले के बाद मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना अलर्ट है। जो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस है वहां ईरान अटैक कर सकता है। क्योंकि ईरान ये जानता है इजराइल ने ये अकेले हमला नहीं किया है। यह साझा रणनीति के तहत यानी कि वहां अमेरिका और इजराइल ने मिलकर इस बड़े हमले को अंजाम दिया है। लिहाजा ईरान वहां पर अटैक कर सकता है। अमेरिकी बेस को निशाना बना सकता है। इसीलिए और ज्यादा सुरक्षा सुरक्षा कैसे कड़ी की जाए? इसी को लेकर खबर मिल रही है। चाहे वो ओमान के अंदर इनकी मीटिंग जब मस्कट में हो रही थी तो वहां पे भी इनकी मीटिंग फेल हुई। फिर ये लोग जिनेवा के अंदर पहली मीटिंग हुई। फिर दूसरी मीटिंग हुई। लेकिन कोई भी कंडीशन जो अमेरिका या ईरान आपस में मानने को तैयार थे नहीं।
ईरान बार-बार कह रहा था कि सिर्फ आप मेरे से बात करनी है तो जो हमारा यूरेनियम संवर्धन है उसके बारे में बात करें। ईरान में 30 अलग-अलग ऐसे जगह है जहां पर हमला किया गया है इजराइल ने बेहद महत्वपूर्ण ठिकानों पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ अटैक किए हैं। यानी कि जो आईआरजीसी के हेड क्वार्टर्स थे जहां-जहां बिल्डिंग्स थी उन सबको टारगेट किया गया इंटेलिजेंस हेड क्वार्टर पर भी इजराइल की तरफ से हमला किया गया। यह हमला पहले इसी मकसद से किया गया।