By अभिनय आकाश | Aug 08, 2025
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर बड़ा ऐलान है। दूसरी तरफ भारत के साथ आते दुनियाभर के वो देश जो इस समय भारत संग व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं। ट्रंप को लगा कि 50 प्रतिशत टैरिफ लगाकर वो भारत को घेर लेंगे। उन पर दबाव बना लेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके ठीक उलट दुनिया के कई देश भारत के खेमे में आकर खड़े हो गए हैं। गौर करने और सबसे हैरानी की बात ये है कि उसका सबसे खास और पसंदीदा दोस्त इजरायल भी भारत के साथ खड़ा है। इजरायल खुले दिल से भारत का समर्थन कर रहा है। अमेरिका और इजरायल के बीच टैरिफ वॉर को लेकर इजरायल ने खुलकर भारत का समर्थन किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिका में भी एक बुनियादी समझ है कि भारत एशिया में मजबूत साझेदार है। उन्होंने भारत को मजबूत और भरोसेमंद साझेदार करार दिया है।
नेतन्याहू ने भारत के साथ अपने देश के मजबूत रक्षा संबंधों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इजरायली हथियारों का इस्तेमाल किया और इनकी क्षमता साबित हो चुकी है। इजरायल ने दो टूक कहा कि भारत हमारा सबसे मजबूत और अच्छा साझेदार है। यानी ट्रंप के टैरिफ का ये जवाब है। वो भी ऐसे वक्त में जब अमेरिका भारत को छोड़कर पाकिस्तान के साथ दोस्ती को और गहरा करने और भारत पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उस समय कई ऐसे देश हैं जो खुलकर भारत के साथ दोस्ती बढ़ाना चाहते हैं। इसकी तस्वीर भी अब दिखने लगी है।
चीनी राष्ट्रपति चाहते हैं कि भारत उनके साथ व्यापार करे। डोनाल्ड ट्रम्प पर तीखा प्रहार करते हुए चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने उन्हें धमकाने वाला बताया। राजदूत ने बिना किसी का नाम लिए लिखा, धमकाने वाले को एक इंच दे दो, वह एक मील ले लेगा। रूस के राष्ट्रपति इस महीने के अंत तक भारत आने वाले हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति ये साफ कर चुके हैं कि वो भारत के साथ अपनी इकोनॉमी को तीन गुणा बढ़ा देंगे। अब तो अमेरिका के सबसे खास सहयोगी इजरायल ने भी ऐलान कर दिया है कि किसी भी वजह से भारत और इजरायल की दोस्ती पर कोई अंतर नहीं पड़ने वाला है।