By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 26, 2020
चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के सिवन ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी अपने महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन ‘गगनयान’ के लिए ‘हरित प्रणोदक’ विकसित कर रही है। उन्होंने यहां के निकट एसआरएम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के 16वें दीक्षांत समारोह में कहा कि इसे रॉकेट के हर चरण में उपयोग के लिए अपनाया जा सकता है। अंतरिक्ष विभाग के सचिव सिवन ने नये स्नातकों को अपने जीवन में सोच समझ कर जोखिम उठाने की सलाह दी क्योंकि ऐसा कर वे ‘पूर्ण विफलता’ से सुरक्षित रह सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम असफलताओं से सीखते हुए बनाया गया है और प्रत्येक विफलता से हमारी प्रणाली में सुधार हुआ है।’’ केन्द्र द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में जून में घोषित सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने पहले ही अंतरिक्ष गतिविधियों में गैर-सरकारी संस्थाओं की अधिक भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों की घोषणा की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अगले पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) प्रक्षेपण में स्टार्ट-अप एजेंसियों के उपग्रह होंगे।’’ इसरो द्वारा 2011 में प्रक्षेपित किए गए एसआरएम उपग्रह ‘एसआरएम सेट’ पर उन्होंने कहा कि यह ‘सही स्थिति‘ में है और उन्होंने विश्वविद्यालय से आगे आकर भारत सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में घोषित किये गये सुधारों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।