By अभिनय आकाश | Aug 24, 2026
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश के उस आरोप का जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि ISRO का "दम घोंटा जा रहा है और उसे कमजोर किया जा रहा है"। सिंह ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की विरासत कमजोर नहीं हो रही है, बल्कि मोदी सरकार के तहत इसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए आक्रामक निजीकरण एजेंडा अपनाने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में जितेंद्र सिंह ने पिछले 12 वर्षों में अंतरिक्ष क्षेत्र में हुई प्रगति का ब्योरा दिया और कहा कि "मॉडल ISRO और इंडस्ट्री का मिलकर काम करना है और वे भारत की अंतरिक्ष कहानी का अगला अध्याय लिख रहे हैं। अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जयराम रमेश पर सरकार की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "यह भारत के स्पेस प्रोग्राम का स्वाभाविक विकास है। भारतीय इंडस्ट्री हमेशा से ISRO की अहम पार्टनर रही है। आज हमारे युवा अपने रॉकेट और सैटेलाइट बना रहे हैं, अपना इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं, प्राइवेट कैपिटल जुटा रहे हैं और अपने स्पेस प्रोग्राम चला रहे हैं। इसका सबसे साफ उदाहरण इस साल 18 जुलाई को देखने को मिला, जब स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-1 ऑर्बिट में पहुंचा - यह ऐसा करने वाला पहला प्राइवेट तौर पर विकसित भारतीय रॉकेट था। इससे ISRO की विरासत कमजोर नहीं हो रही है, बल्कि ISRO की विरासत रंग ला रही है। इसी तरह भारत आगे बढ़ेगा।