लॉकडाउन के दिनों में आपको इन राजनीतिक हलचलों को जानना है जरूरी

By अनुराग गुप्ता | Mar 25, 2020

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को थामने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की। जिसका मतलब है कि 21 दिन तक देशवासी अपने घरों में रहें और बाहर न निकलें। क्योंकि कोरोना वायरस का अभी तक कोई भी इलाज सामने नहीं आया है और स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार यह कह रहा है कि इसकी चैन को बस रोका जा सकता है इसके लिए जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति किसी और व्यक्ति के संपर्क में न आए।

सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि इस वायरस से निजात पाया जा सकें। आपको बता दें कि सरकार के साथ-साथ तमाम राजनीतिक पार्टियां भी देशवासियों से सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। 

कोरोना वायरस के बचाव के लिए सांसद कर रहे हैं मदद

इन दिनों देश-विदेश की आवाम कोरोना वायरस नामक महामारी से जूझ रही है। जिसको देखते हुए सांसद अपने-अपने प्रदेशों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फंड जुटा रहे हैं। इतना ही नहीं ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म्स में भी इंडिया फाइट कोरोना नामक मुहिम शुरू की गई है। अगर आप इस मुहिम से जुड़ना चाहते हैं तो सिर्फ आपको अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर इच्छानुसार आर्थिक सहायता मुहैया करानी है।

कोरोना से लड़ने के लिए हो रहा सांसद निधि का इस्तेमाल

बता दें कि अभी तक सांसद और विधायक सांसद निधि का इस्तेमाल सिर्फ स्थायी कामकाज के लिए ही कर सकते थे लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अब सांसद निधि का इस्तेमाल कोरोना नामक बीमारी से लड़ने के लिए किया जा रहा है।

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा की मांग पर प्रधानमंत्री ने विचार करते हुए निर्देशों में बड़ा बदलाव किया है। जिसके तहत अब सांसद और विधायक अपने-अपने इलाकों में सांसद निधि का इस्तेमाल कोरोना से लड़ने के लिए कर सकेंगे। अब इस धनराशि का उपयोग अस्पताल के दवाइयों की खरीद, सेनिटाइजर, मास्क और दूसरी जरूरी चीजों के लिए किया जाएगा। इतना ही नहीं फारुक अब्दुल्ला, स्मृति ईरानी समेत कई सांसदों ने आर्थिक सहायता मुहैया कराई है। 

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मध्य प्रदेश के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना से लड़ने के लिए नया फंड बनाने का निर्णय लिया और इसकी शुरुआत करते हुए सर्वप्रथम उन्होंने अपनी एक माह की सैलेरी देने का ऐलान भी कर दिया।

बिहार की बात करें तो वहां के सांसद भी इस मुहिम में सरकार के साथ दिखाई दिए और उन्होंने एक-एक करोड़ रुपए देने की अनुशंसा की है।

राजनीतिक पार्टियों ने कार्यकर्ताओं को दिए आदेश

सरकार द्वारा 21 दिन का लॉकडाउन किए जाने से पहले ही राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं को प्रशासन की हर मुमकिन मदद करने का निर्देश दिया है। हालांकि प्रशासन की सबसे बड़ी मदद तो यही होगी कि देशवासी अपने घरों में रहें क्योंकि घर से अधिक सुरक्षित स्थान अभी कोई नहीं है। क्योंकि जनता द्वारा की गई इस मदद से देश भी सुरक्षित रहेगा। 

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प्रशासन ने शुरू की होम डिलीवरी की सुविधा

जनता को जरूरी सामानों की कमी न हो इसके लिए प्रशासन ने होम डिलीवरी की शुरू की है। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने बुधवार को कुछ गाड़ियों की हरी झंडी दिखाई। जिसके जरिए जरूरी सामान भरकर लोगों के पास पहुंचाया जा रहा है। जिनमें दूध, सब्जियां, राशन और दवाईयां उपलब्ध होंगी। फिलहाल इस सुविधा को उत्तर प्रदेश प्रशासन ने अयोध्या के लिए ही शुरू किया है लेकिन वह इसकी समीक्षा कर पूरे प्रदेश को होम डिलीवरी की सुविधा मुहैया करा सकते हैं।

देश में पहली बार लागू हुआ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देश में पहली बार सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम को लागू कर दिया है। इसके लागू हो जाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग को अपने नियंत्रण में ले लिया है। आपको बता दें कि स्वास्थ्य जुड़े हुए जो भी मामले होते है वो अमूमन राज्यों के अधीन आते हैं लेकिन इस अधिनियम के लागू हो जाने के बाद अब केंद्र सरकार इसमें दखल दे सकेगा।

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