By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 06, 2023
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बुधवार को कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को जमीन आवंटित नहीं की जा रही है और कानून में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे कुछ घंटे पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया था कि बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराने का प्रशासन का कदम केंद्र शासित प्रदेश की जनसांख्यिकी को बदलने की एक कोशिश है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा था कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत भूमिहीन परिवारों को उनके घर के निर्माण के लिए 150 वर्ग गज के भूखंड उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है।
महबूबा ने पत्रकारों से कहा, “ उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर में 1.99 लाख भूमिहीन लोगों को जमीन देने का ऐलान किया। इसे लेकर संदेह और चिंताएं सामने आई हैं कि जम्मू-कश्मीर में ये भूमिहीन लोग कौन हैं? संसद में रखे गए केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में केवल 19,000 बेघर परिवार हैं।” कुछ घंटों बाद, एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, महबूबा मुफ्ती का यह बयान कि सरकार दो लाख लोगों को जमीन आवंटित कर रही है, तथ्यात्मक रूप से गलत है।” प्रवक्ता ने कहा कि न तो कानून में कोई बदलाव किया गया है और न ही किसी बाहरी व्यक्ति को जमीन आवंटित की जा रही है।