By रेनू तिवारी | Mar 25, 2023
बेंगलुरु। लंदन में भारतीय उच्चायोग में जिस तरह से तिरंगे का अपनाम हुआ है इसे पूरे देश में नाराजगी हैं। विश्व के जिस-जिस कोने में भारतीय है वह इस घटना के खिलाफ अपनी विरोध दर्ज करवा रहे हैं। दिल्ली ब्रिटेन उच्चायोग से सुरक्षा हटाने के बाद अब केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने भी ब्रिटेन के दोहरे रवैये पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज करवायी हैं। केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा लंदन में भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ करने और परिसर में तिरंगे को गिराने के कुछ दिनों बाद यूके सरकार पर सुरक्षा दायित्वों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। जयशंकर ने कहा, हमने इस पर ब्रिटिश सरकार से बातचीत की है। यह प्राप्त करने वाले देश का दायित्व है कि वह एक राजनयिक को अपना काम करने के लिए सुरक्षा प्रदान करे, यह सुनिश्चित करने के लिए कि दूतावास या उच्चायोग के परिसर का सम्मान किया जाए। इन दायित्वों को पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘दूतावास या उच्चायोग या वाणिज्य दूतावास और उनके परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना उस देश का दायित्व है, जहां वह स्थित हैं। इन दायित्वों को पूरा नहीं किया गया।’’ ब्रिटेन में राजनयिकों और भारतीय प्रवासियों को खतरे के मुद्दे पर एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि जिस दिन उपद्रवी उच्चायोग के सामने इकट्ठा हुए, उस दिन उच्चायोग में सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित मानकों को पूरा करने में विफल रही। विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘कई देश इसे (सुरक्षा) लेकर बेहद लापरवाह हैं। उनकी अपनी सुरक्षा के बारे में अलग राय है और दूसरों की सुरक्षा के बारे में अलग राय है, लेकिन एक विदेश मंत्री के रूप में मैं आपको बता सकता हूं कि हम इस तरह के अलग-अलग मानकों को स्वीकार नहीं करने जा रहे हैं।’’
भारत में मानवाधिकारों के संबंध में ब्रिटेन में राहुल गांधी की टिप्पणी के संदर्भ में, जयशंकर ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट रखने वालों में से अधिकांश देश से गहराई से जुड़े हुए हैं, लेकिन ऐसे कुछ लोग हैं जो वीजा या कहीं और बसने के लिए अपने घर में सताए जाने का दावा करेंगे। मंत्री ने कहा, ‘‘अब आपके यहां कुछ लोग हो सकते हैं (जो) कभी-कभी इसका दुरुपयोग करते हैं और कहते हैं कि मुझे राजनीतिक रूप से सताया जा रहा है और इसलिए, मुझे रहने की अनुमति दें। तो, यह वास्तव में वीजा का खेल है, जिसे वे राजनीति, मानवाधिकार के नाम पर खेल रहे हैं।’’ उन्होंने आगाह किया कि देश के विरोधी स्थिति का फायदा उठा सकते हैं।