By अंकित सिंह | Apr 13, 2022
बिहार के दो क्षेत्रीय दलों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार जारी रहती है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू और लालू यादव की पार्टी राजद समय-समय पर आमने सामने रहती हैं। फिलहाल दोनों दलों की ओर से भविष्य को देखते हुए सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी गई है। राजद जहां एमवाई समीकरण से बाहर निकलकर नए-नए वर्गों को जोड़ने में जुट गया है तो वहीं नीतीश कुमार की पार्टी राजद में लगातार सेंधमारी कर रही है। जदयू का निशाना वर्तमान में राजद के दिग्गज नेताओं के सियासी वारिसों पर है। माना जा रहा है कि राजद के दिग्गज नेताओं के सियासी वारिसों को पार्टी में शामिल कराकर जदयू आने वाले भविष्य में अपने सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इन सबके बीच राजद विधायक विभा देवी और पूर्व राजद विधायक तथा लालू यादव के बेहद करीबी राजबल्लभ यादव के भतीजे ने भी नीतीश कुमार से मुलाकात की है। राजबल्लभ यादव के भतीजे अशोक यादव निर्दलीय एमएनसी बने हैं। माना जा रहा है कि वह जदयू में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा कुछ होता है तो राजद के लिए इसे झटका ही माना जाएगा। इसके अलावा राजद के वरिष्ठ नेता रहे रघुवंश प्रसाद सिंह का परिवार भी समय-समय पर नीतीश कुमार की तारीफ करता रहता है। हालांकि जगदानंद सिंह के बेटे अजीत का राजनीतिक दबदबा ज्यादा नहीं है। लेकिन जदयू में उनके शामिल होने का महत्व इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद इस मौके पर इस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा मौजूद रहे।