By अभिनय आकाश | Jan 27, 2025
झूठ,फरेब, साजिश, धोखाधड़ी ये सारे शब्द पाकिस्तान पर एकदम फिट बैठते हैं। ये भी कहना गलत नहीं होगा कि यही पाकिस्तान की फितरत है। मगर इस बार पाकिस्तान ने तो हद ही कर दी। चंद पैसों की खातिर अब अपना आका ही बदल दिया। अब तक जो पाकिस्तान जिनपिंग के सुर मिलाता था, उनके आगे मदद के लिए अपनी झोली फैलाता था। अब उसी जिनपिंग को छोड़ वो ट्रंप के कदमों में जा गिरा। ऐसे में अब कहा जाने लगा है कि पाकिस्तान चीन की बजाए अमेरिका का हुक्म बजाएगा। 20 जनवरी को ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। गौर करने वाली बात ये है कि ट्रंप ने अपने शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान को तरजीह नहीं दी। बस इसी बात से शहबाज शरीफ के पैरों तले जमीन खिसक गई। बस फिर क्या था, मौकापरस्त पाकिस्तान ने अपना पाला बदल लिया। एक झटके में चीन के बजाए अमेरिका को अपना आका बना लिया। दरअसल, अमेरिका से एक खबर सामने आई कि पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने चीन के कुछ नेताओं से मीटिंग की।
आरोप लगाए जा रहे हैं कि आईएमएफ और मुस्लिम देशों के टुकड़ों पर पलने वाले पाकिस्तान की यही हैसियत है। ट्रंप ने एक ट्रेलर क्या दिखाया तो शहबाज के सुर-ताल सब बदल गए। हिंदुस्तान से मुकाबला करना पाकिस्तान के बूते की बात नहीं है। हिंदुस्तान हर फ्रंट पर पाकिस्तान से आगे है। अपनी बात डंके की चोट पर रखता है। भारत न किसी से डरता है औऱ न ही किसी को डराता है। लेकिन जब बात देश की हो और देश के करोड़ों लोगों की हो तो भारत किसी से भी भिड़ सकता है। पाकिस्तान मरते दम तक ये ताकत ये हैसियत जुटा नहीं सकता।