By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 23, 2026
अक्टूबर जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) दुनिया में एक करोड़ से अधिक आवेदन पाने वाला पहला सार्वजनिक निर्गम बन गया है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह आंकड़ा इससे पहले वारी एनर्जीज के नाम दर्ज करीब 97 लाख आवेदनों के वैश्विक रिकॉर्ड से अधिक है। इसने बजाज हाउसिंग फाइनेंस जैसी भारतीय रिकॉर्ड बनाने वाली कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। सूत्रों ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ दुनिया में एक करोड़ से अधिक आवेदन पाने वाला पहला सार्वजनिक निर्गम बन गया है, जबकि निर्गम बंद होने में अभी पांच घंटे बाकी हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतिक्रिया जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेशकों की गहरी रुचि को दर्शाती है।
मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर जियो प्लेटफॉर्म्स करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाएगी और इसका मूल्यांकन लगभग 108 अरब अमेरिकी डॉलर होगा। इस निर्गम में मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड या उसके अन्य मौजूदा शेयरधारक कोई शेयर नहीं बेच रहे हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 अक्टूबर को 212 बड़े (एंकर) निवेशकों से पहले ही करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे। उन्हें मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित किए गए। ‘एंकर बुक’ के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली थीं, जो उपलब्ध आवंटन से 30 गुना से भी ज्यादा थीं।
निवेशकों में ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधक और संप्रभु संपत्ति कोष शामिल थे। जियो प्लेटफॉर्म्स की योजना निर्गम से प्राप्त राशि में से 27,500 करोड़ रुपये तक अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने की है। शेष राशि का इस्तेमाल पूंजीगत व्यय तथा कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक निर्गम शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद हो रहा है। इसी दिन आकाश अंबानी का जन्मदिन भी है। जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने हाल ही में कहा था कि कंपनी की प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और क्लाउड क्षेत्र में विस्तार की योजनाएं दूरसंचार कारोबार से आगे उसकी वृद्धि को गति देंगी।
उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस इकाई को देश के अबतक के सबसे बड़े आईपीओ से पहले एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश किया। अंबानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘जियो में ऐसा नहीं है कि हमें दोनों में से किसी एक को चुनना है। हमारा नेटवर्क ही हमारी प्रौद्योगिकी है।’’