Jio Platforms IPO: पहले ही दिन 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 21, 2026

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के 30,213 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बोलियां 50,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गईं। बुधवार को निर्गम खुलने के दिन दोपहर तक इसमें कुल शेयरों की पेशकश की तुलना में 2.35 गुना मांग आई। इससे पहले यह आईपीओ खुलने के 100 मिनट के भीतर पूर्ण अभिदान पाने वाला भारत का अबतक का सबसे तेज सार्वजनिक निर्गम बन गया था।

पात्र संस्थागत निवेशकों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्से को 7.09 गुना अभिदान मिला। इस श्रेणी के लिए रखे गए 4.90 करोड़ शेयर के मुकाबले 34.77 करोड़ शेयर के लिए बोलियां मिलीं। बैंकों एवं बीमा कंपनियों सहित घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 16.98 करोड़ शेयर के लिए, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 14.97 करोड़ शेयर के लिए बोलियां लगाईं।

म्यूचुअल फंड ने 2.02 करोड़ शेयर के लिए बोलियां दीं। गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से भी मांग बढ़ी और उनके लिए आरक्षित हिस्से को 1.03 गुना अभिदान मिला। खुदरा निवेशकों की श्रेणी में अभिदान 0.58 गुना रहा।

इस श्रेणी के लिए आरक्षित 8.50 करोड़ शेयर के मुकाबले 4.91 करोड़ शेयर के लिए बोलियां मिलीं। कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सों को क्रमशः 1.15 गुना और 1.12 गुना अभिदान मिला। शुरुआती रफ्तार के मामले में जियो अन्य बड़े भारतीय निर्गम से आगे है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस का आईपीओ खुलने के दिन दोपहर दो बजे तक पूरी तरह अभिदान पा गया था, जबकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के निर्गम को 2025 में पहले दिन के अंत तक पूर्ण अभिदान मिल गया था। भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का पिछला रिकॉर्ड रखने वाले हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को 2024 में पहले दिन के अंत तक केवल 18 प्रतिशत अभिदान मिला था। जियो प्लेटफॉर्म्स का यह सार्वजनिक निर्गम 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर मूल्य के लिहाज से देश का सबसे बड़ा निर्गम बन जाएगा।

जियो के शेयर के लिए 1,065 से 1,119 रुपये के मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है। इस निर्गम के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इस निर्गम में बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल नहीं है, यानी मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं।

सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने सोमवार को 212 बड़े (एंकर) निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को कहा था कि कंपनी की प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और क्लाउड क्षेत्र में विस्तार की योजनाएं दूरसंचार कारोबार से आगे उसकी वृद्धि को गति देंगी।

उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस इकाई को देश के अबतक के सबसे बड़े आईपीओ से पहले एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश किया। अंबानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘जियो में ऐसा नहीं है कि हमें दोनों में से किसी एक को चुनना है। हमारा नेटवर्क ही हमारी प्रौद्योगिकी है।’’ यह आईपीओ ऐसे समय आ रहा है, जब निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि क्या देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अपने विशाल ग्राहक आधार के जरिये डिजिटल सेवाओं, उद्यम प्रौद्योगिकी और एआई से अधिक मुनाफे वाला राजस्व जुटा सकती है।

ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि केवल ग्राहकों की संख्या में वृद्धि अब कारोबार के विस्तार को गति देने वाला उतना प्रभावी कारक नहीं रह गई है।

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