By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 21, 2026
रिलायंस इंडस्ट्रीज की अनुषंगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लि. के निर्गम के लिए निवेशकों से जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली है। कुल 30,213 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को बोली के पहले ही दिन करीब 74,610 करोड़ रुपये की कुल मांग मिली। इसमें बड़े निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से का आवंटन भी शामिल है।
निवेशकों ने पेश किए गए 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.44 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। निर्गम के लिए 1,119 रुपये के ऊपरी मूल्य पर लगाई गई बोलियों का मूल्य करीब 66,500 करोड़ रुपये रहा। वहीं, बड़े यानी एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से के आवंटन से कुल मांग में 8,110 करोड़ रुपये और जुड़ गए।
पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्से को 9.02 गुना अभिदान मिला। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में आरक्षित शेयरों के मुकाबले 1.58 गुना मांग रही। खुदरा निवेशकों की श्रेणी में 0.68 गुना अभिदान मिला।
वहीं कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सों को क्रमशः 1.30 गुना और 1.38 गुना अभिदान मिला। संस्थागत निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया से पहले बड़े निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को भी अच्छी मांग मिली थी। जियो ने सोमवार को 212 बड़े निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस आवंटन के लिए मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही थी। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को आईपीओ खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पेश किए गए सभी शेयरों के लिए बोलियां मिल गईं। शुरुआती बोली की यह रफ्तार जियो को भारत के अन्य बड़े सार्वजनिक निर्गमों से अलग करती है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ को खुलने वाले दिन दोपहर दो बजे तक पूरा अभिदान मिल गया था, जबकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के आईपीओ को 2025 में पहले दिन के अंत तक पूरा अभिदान मिला था। इससे पहले भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का रिकॉर्ड रखने वाले हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को 2024 में पहले दिन के अंत तक केवल 18 प्रतिशत अभिदान मिला था। जियो का आईपीओ शेयर जारी करने के तरीके के मामले में भी हुंदै और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्गमों से अलग है।
उन दोनों कंपनियों के आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयरों की बिक्री के लिए थे। इसके विपरीत, जियो 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर रही है। इसका मतलब है कि निर्गम से मिलने वाली राशि कंपनी को मिलेगी, न कि हिस्सेदारी बेचने वाले शेयरधारकों को।
जियो के आईपीओ के लिए प्रति शेयर मूल्य दायरा 1,065 से 1,119 रुपये तय किया गया है। ऊपरी मूल्य पर जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता। यह निर्गम हुंदै मोटर इंडिया के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने वाला है और उद्योगपति मुकेश अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल एवं दूरसंचार कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है।
यह आईपीओ निवेशकों की उस महत्वाकांक्षा के प्रति रुचि की भी बड़ी परीक्षा है, जिसके तहत जियो दूरसंचार संपर्क सेवाओं से आगे बढ़कर डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में विस्तार करना चाहती है। कंपनी ने इन कारोबार के विस्तार के लिए 53.33 करोड़ ग्राहकों के अपने आधार को प्रमुख ताकत बताया है। कंपनी का लक्ष्य दूरसंचार क्षेत्र में अपनी व्यापक पहुंच का उपयोग कर अधिक लाभ मार्जिन वाले उद्यम और प्रौद्योगिकी कारोबार से आय बढ़ाना है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ को मिल रही मांग में संस्थागत निवेशक लगातार प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जबकि खुदरा निवेशकों की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। निर्गम शुक्रवार को बंद होगा। ऐसे में निर्गम बंद होने से पहले अभिदान के अंतिम आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।