जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों ने पुलिसकर्मी, उनके परिवार पर हमले की निंदा की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 28, 2021

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने पुलवामा जिले में एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ), उनकी पत्नी और बेटी की हत्या की निंदा करते हुए इसे ‘निंदनीय, कायरतापूर्ण’ कृत्य और ‘‘एक तरह का आतंकवाद’’ करार दिया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसपीओ फैयाज अहमद, उनकी पत्नी और उनकी छोटी बेटी पर कल रात घर पर हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की निंदा करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि वे जन्नत में अपना स्थान प्राप्त करें और उनके परिजन को दुख की इस घड़ी में ताकत मिले।’’

इसे भी पढ़ें: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीजेपी के आईटी सेल के खिलाफ सायबर सेल में की शिकायत

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि हत्या की खबरें अत्यंत दुखद हैं और हिंसा के गुनहगारों को किसी की परवाह नहीं है। लोन ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘उठते ही दुखद खबर से सामना हुआ। पूरे परिवार को गोलियों से भून दिया गया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। परिवार को दुख सहन करने की ताकत मिले।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जम्मू कश्मीर प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इसे कायरतापूर्ण और बर्बर हमला बताते हुए कहा कि किसी पुलिसकर्मी के घर में घुसना और उनकी तथा उनके परिवार के सदस्यों की हत्या करना आतंकवादी कृत्य है। ठाकुर ने कहा, ‘‘जिन्होंने यह हरकत की, वे कड़ी निंदा के पात्र हैं और जो इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं, उनका भी यही हश्र होगा। पुलिसकर्मी की बेगुनाह पत्नी और बेटी का क्या कसूर था? महिलाओं की हत्या करना कोई बहादुरी का काम नहीं बल्कि यह कायराना हरकत है जिसकी कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।’’ उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट की और पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का अनुरोध किया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने कहा कि निहत्थे नागरिकों की हत्या को किसी भी तरह से जायज नहीं करार दिया जा सकता।

तारिगामी ने कहा, ‘‘महिलाओं, बेकसूर लोगों की हत्याएं अत्यंत निंदनीय हैं और सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं का कोई स्थान नहीं है। हर किसी को इस घटना की निंदा करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि कश्मीर में तीन दशक से हिंसा का कुचक्र जारी है ‘‘लेकिन अब तक क्या हासिल हुआ है?’’ तारिगामी ने कहा, ‘‘यह किसके हित में है। लगातार हो रही हिंसा पर विचार करने की आवश्यकता है। समाज को सामने आना चाहिए और हिंसा के ऐसे क्रूर कृत्यों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।’’ उन्होंने शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की।

प्रमुख खबरें

NEET Exam पर Arvind Kejriwal की हाथ जोड़कर अपील, सभी CM छात्रों के लिए बसें Free करें

Twisha Sharma Case: 13 दिन बाद आज अंतिम संस्कार, Delhi AIIMS की Postmortem रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज?

Eid Look 2026: कम बजट में पाएं परफेक्ट फेस्टिव लुक, ट्रेंड में हैं ये ज्वेलरी सेट्स

Norway Chess में Gukesh vs Carlsen की जंग, क्या किंग को मात देंगे विश्व चैंपियन?