By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 27, 2026
जॉर्डन ने मंगलवार को कहा कि सीरिया में उसके हवाई हमलों में चरमपंथी इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के करीब 20 आतंकवादी मारे गए। हालांकि, उसने यह भी स्वीकार किया कि हमलों में आम नागरिकों की भी मौत हुई है। जॉर्डन की वायुसेना ने सोमवार शाम सीरिया में हवाई हमले किए।
सीरिया की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि उसे दक्षिणी दारा और सुवेदा प्रांतों में जॉर्डन के हमलों में मारे गए सात आम नागरिकों के शव मिले हैं। इनमें एक ही परिवार के पांच लोग शामिल थे, जिनमें तीन बच्चे और एक महिला थी। मारे गए दो अन्य पुरुष बुजुर्ग थे।
सीरिया सरकार ने कहा कि हवाई हमले करने से पहले न तो उसके साथ समन्वय किया गया और न ही उसे इसकी सूचना दी गई। दमिश्क और अम्मान, दोनों ने कहा कि वे संपर्क में हैं और घटना के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें सीरिया के हवाई क्षेत्र का ‘‘अस्वीकार्य उल्लंघन और अतिक्रमण’’ बताया।
हालांकि, उसने यह भी कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व अपनी सुरक्षा संबंधी समन्वय व्यवस्था को मजबूत करेंगे, ताकि ‘‘दोनों देशों की सुरक्षा को अस्थिर करने और उनके लोगों का खून बहाने की किसी भी कोशिश को रोका जा सके।’’ अल-मोमानी ने कहा कि ये हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए, जिसमें ‘‘जॉर्डन के खिलाफ पुष्ट खतरों और आतंकवादी हमलों की योजनाओं’’ का पता चला था। उन्होंने आम नागरिकों की मौत पर खेद भी जताया। दारा प्रांत के सीरिया-जॉर्डन सीमा के पास स्थित अल-तुफ गांव में हुए एक हवाई हमले में मसूद अल-सलीम ने अपनी पत्नी, बेटे और तीन पोते-पोतियों को खो दिया।
हमला उनके घर पर हुआ था। अल-सलीम ने मलबे में बच्चों की स्कूल की किताबें और खिलौने तलाशते हुए कहा, ‘‘मैं दौड़कर आया तो देखा कि वहां न घर बचा था, न तंबू, कुछ भी नहीं था। मुझे कोई नहीं मिला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मलबे के नीचे तलाश शुरू की।
मुझे लगा कि शायद वे उसके नीचे दबे हों।’’