By अभिनय आकाश | Oct 26, 2026
केरल के एक जज के नाबालिग बेटे को, जो कथित तौर पर मर्सिडीज-बेंज चला रहा था जिसकी चपेट में आकर कोच्चि में 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, सोमवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने जमानत दे दी। उसे दोबारा हिरासत में लिया गया था और उस पर 'गैर-इरादतन हत्या' (culpable homicide not amounting to murder) का मामला दर्ज किया गया था। शुरुआत में, लापरवाही से मौत का कारण बनने के लिए किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया गया था, और बाद में उसे किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत जमानत पर रिहा कर दिया गया। रविवार को चेरानल्लूर पुलिस स्टेशन के बाहर पीड़ित परिवार के विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उसे फिर से पकड़ लिया। इसके बाद उस पर BNS की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या, जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहाँ से उसे ज़मानत मिल गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उस किशोर को विशेष रियायत दी क्योंकि उसके पिता एक जज थे, और कहा कि उन्हें पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नाबालिगों से जुड़ी घटनाओं को सामान्य माना जाने लगा है, और गंभीर मामलों में भी किशोरों को अपनी जवाबदेही से बचने दिया जा रहा है।