By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 27, 2026
भारतीय महिला कुश्ती खिलाड़ियों ने मंगलवार को विश्व चैंपियनशिप में नया इतिहास रचा जब काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने स्वर्ण पदक के मुकाबलों में जगह बनाकर सुनिश्चित किया कि पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के एक ही सत्र में देश की दो महिला पहलवान विश्व खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी। सेमीफाइनल में 18 वर्षीय काजल (76 किग्रा) ने किर्गिस्तान की अनुभवी पहलवान ऐपेरी मेडेट काइजी को 10-7 से हराकर शानदार वापसी की जबकि 26 वर्षीय नीलम ने 50 किग्रा वर्ग में कजाखस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई। नीलम खिताबी मुकाबले में जापान की दिग्गज पहलवान युई सुसाकी से भिड़ेंगी।
पहली बार सीनियर विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही दो बार की अंडर-20 विश्व चैंपियन काजल की शानदार जीत में उनकी ताकत, रणनीतिक समझ और हार नहीं मानने का जज्बा देखने को मिला। वह पहले पीरियड में 1-7 से पिछड़ने के बावजूद मुकाबले में डटी रहीं और जीत दर्ज कीं। जीत के बाद भावुक काजल मैट पर औंधे मुंह लेट गईं।
उन्होंने हाथों से अपना चेहरा ढक लिया और रोने लगीं। इससे पहले नीलम ने बायानोवा को 7-3 से हराकर स्वर्ण पदक के लिए जापान की दिग्गज पहलवान सुसाकी से भिड़ने का मौका पाया। सुबह के सत्र में काजल ने लिथुआनिया की कामिले ग्रिस्किएने गौकाइटे को चित करके मुकाबला जीतने के बाद मंगोलिया की दावासानान एंख अमार को 9-2 से हराया।
नीलम ने प्री क्वार्टर फाइनल में बेलारूस की नतालिया वराकिना को 6-0 से शिकस्त दी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त रूसी पहलवान एलिजावेता स्मिरनोवा चोट के कारण मुकाबले से हट गईं जिससे नीलम सेमीफाइनल में पहुंच गईं। महिला 65 किग्रा वर्ग में रजनीता ने क्वालीफिकेशन मुकाबले में 2024 विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता यूक्रेन की कैटरीना जेलेनिख को 8-6 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।
हालांकि इसके बाद प्री क्वार्टर फाइनल में उन्हें मोल्दोवा की इरिना रिंगाची के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। रजनीता अब भी पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। रेपेचेज मुकाबले में उनका सामना जापान की नाना इकेहाता से होगा।
महिला 57 किग्रा वर्ग में नेहा शर्मा ने अल्जीरिया की अचौआक जमिला टेकुक को कड़े मुकाबले में 4-2 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अगले दौर में उन्हें बेलारूस की इरीना कुराचकिना के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। इससे पहले भारत के ग्रीको रोमन पहलवानों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
केवल ललित (55 किग्रा) पदक दौर में पहुंच सके जबकि अन्य पहलवान प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।