By Ankit Jaiswal | Sep 29, 2026
घरेलू शेयर बाजार में दबाव के बावजूद कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयरों में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर 2.5% तक चढ़कर 578 रुपये के आसपास पहुंच गया। इस तेजी के पीछे वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस की कंपनी को लेकर सकारात्मक राय और दूसरी छमाही में बेहतर कारोबार की उम्मीद को वजह बताया जा रहा है।
सुबह के कारोबार में कल्याण ज्वेलर्स का शेयर करीब 578 रुपये पर पहुंच गया था और इस साल अब तक इसमें लगभग 19% की बढ़त दर्ज की गई है। इसके मुकाबले इसी अवधि में निफ्टी 50 में करीब 13.3% की गिरावट बताई गई है। कंपनी का बाजार मूल्य करीब 59,600 करोड़ रुपये था। खास बात यह है कि कल्याण ज्वेलर्स में तेजी ऐसे समय आई जब व्यापक बाजार कमजोर था। सुबह 9:23 बजे सेंसेक्स 379 अंक यानी 0.52% गिरकर 72,392 और निफ्टी 106 अंक नीचे 22,675 पर था।
गौरतलब है कि यूबीएस ने कंपनी के प्रबंधन के साथ हुई बातचीत के आधार पर कहा है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कल्याण ज्वेलर्स की वृद्धि बेहतर रह सकती है। हालांकि, कंपनी के सामने पिछले साल की मजबूत तेजी के कारण ऊंचा आधार भी है। सोने की ऊंची कीमतों का ग्राहकों पर असर एक जैसा नहीं है। अलग-अलग ग्राहक वर्गों में खरीद की मात्रा और एक बार में होने वाले खर्च में अलग-अलग बदलाव देखने को मिल सकता है।
यूबीएस के मुताबिक, कल्याण ज्वेलर्स अपने स्टोर नेटवर्क का विस्तार जारी रखने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी की सोने की बचत योजनाएं भी पुराने स्टोरों की बिक्री में आगे की वृद्धि को समझने के लिए एक अहम संकेत दे रही हैं। इसके अलावा पुराने सोने के बदले नया आभूषण लेने का चलन भी मजबूत रहने की उम्मीद है।
बता दें कि यूबीएस ने इसी महीने कल्याण ज्वेलर्स पर अपनी रिपोर्ट शुरू करते हुए 900 रुपये का लक्ष्य दिया था। ब्रोकरेज ने कंपनी के देशभर में बढ़ते कारोबार और कम पूंजी में फ्रेंचाइजी के जरिये स्टोर बढ़ाने वाले मॉडल को विस्तार की प्रमुख वजहों में शामिल किया है। यूबीएस के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी के राजस्व में करीब 35% की सालाना चक्रवृद्धि दर से वृद्धि हुई है। अगले 5 साल में राजस्व और कमाई में करीब 23% सालाना वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे भी कारोबार में तेज वृद्धि दिखाते हैं। पहली तिमाही में कल्याण ज्वेलर्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 32% बढ़कर 348.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 264.1 करोड़ रुपये था। कंपनी का राजस्व 45.7% बढ़कर 10,588.9 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 7,268.5 करोड़ रुपये था।
ऑपरेशन स्तर पर भी कंपनी का प्रदर्शन बढ़ा है। ऑपरेशन लाभ 24.5% बढ़कर 632.5 करोड़ रुपये रहा, लेकिन इसका मार्जिन 7% से घटकर 6% रह गया है। ऐसे में कारोबार के विस्तार के साथ मार्जिन पर दबाव भी कंपनी के लिए देखने वाली बात है।