By अंकित सिंह | Jul 30, 2026
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को मांग की कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगें। 20 जुलाई को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के लिए गृह मंत्री को ज़िम्मेदार ठहराने वाले गांधी के बयानों पर पत्रकारों से बात करते हुए, कंगना रनौत ने कहा कि बिना सबूत के ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगाए जा सकते।
झा ने कहा कि यह रोकथाम की बात करता है, पूरी तरह खत्म करने की नहीं। रोकथाम और पूरी तरह खत्म करने में अंतर है... छात्रों की बुनियादी मांग शिक्षा के ढांचे को लेकर है। सरकार को इसकी बुनियादी समझ ही नहीं है। ये प्रतिक्रियाएं राहुल गांधी के उन बयानों पर मचे राजनीतिक हंगामे के बीच आईं, जिनमें उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने गांधी का समर्थन किया और माफ़ी मांगने की मांग को खारिज कर दिया। रॉय ने कहा कि मैं राहुल गांधी का समर्थन करता हूं। उन्होंने जो कहा वह सही है। माफ़ी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता। वहीं, बीजेपी सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कांग्रेस नेता की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को आरोप लगाने के बजाय रचनात्मक बहस करनी चाहिए। त्रिपाठी ने कहा कि मेरा मानना है कि राहुल गांधी को अपना रवैया बदलने की ज़रूरत है। वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में विपक्ष के नेता हैं। आप ठोस बातें नहीं रखते या विश्लेषण नहीं करते। आप बस आरोप लगाना शुरू कर देते हैं, और जब आपसे बोलने के लिए कहा जाता है, तो आप बोलते नहीं हैं।
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