कंगना रनौत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात की, अपने साथ नाइंसाफी की पूरी कहानी सुनाई

By रेनू तिवारी | Sep 14, 2020

मुंबई। मुंबई पर कंगना रनौत के पीओके वाले बयान के बाद कंगना रनौत के खिलाफ शिवसेना ने मोर्चा खोल दिया। शिवसेना ने कंगना को मुंबई न आने की धमकी दी। जब कंगना धमकी से न डरते हुए मुंबई पहुंची उससे पहले ही बीएमसी ने कंगना का घर तोड़ दिया। बीएमसी ने कंगना रनौत के घर की मूव हो जाने वाली चीजें भी तोड़ दी। बीएमसी को कोर्ट की तरफ से अपनी कार्रवाई रोकने के लिए भी कहा गया था लेकिन बीएमसी ने कंगना के घर पर बुल्डोजर चला दिया। इसमें कंगना का लगभग 2 से 3 करोड़ का नुकसान हुआ। कंगना रनौत ने अपने साथ हुआ नाइंसाफी के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस पूरे मामले पर कोर्ट सुनवाई करेगा। कंगना रनौत के खिलाफ लिए गये बीएमसी के एक्शन को शिवसेना की बदले की कार्रवाई माना जा रहा है क्योंकि कंगना रनौत जिस तरह से सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में लगातार आवाज उठा रही है और न्याय की मांग करते हुए मुंबई पुलिस की अलोचना कर रही हैं उससे महाराष्ट्र सरकार उनसे काफी खफा है। 

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राज्यपाल से मुलाकात के वक्त दोनों ने मास्क उतारकर तस्वीरें खिंचवायी। कंगना कोश्यारी का पैर छूने के लिये भी झुकीं। बैठक के बारे में बाद में उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कुछ देर पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी से मेरी मुलाकात हुई। मैंने उन्हें अपने नजरिए से अवगत कराया और यह भी अनुरोध किया कि मुझे न्याय मिलना चाहिए। इससे आम नागरिकों का, खासकर बेटियों का इस तंत्र के प्रति विश्वास बहाल होगा। ’’

कंगना और शिवसेना के बीच हाल में विवाद तब शुरू हुआ जब अभिनेत्री ने अपने एक बयान में कहा कि उन्हें “मूवी माफिया” से ज्यादा मुंबई पुलिस से डर लगता है और महाराष्ट्र की राजधानी की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से की थी। उनके बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए शिवसेना के नेता संजय राउत ने कथित तौर पर कहा था , ‘‘हम उनसे आग्रह करेंगे कि उन्हें मुंबई नहीं आना चाहिए। यह और कुछ नहीं बल्कि मुंबई पुलिस का अपमान है।’’ कंगना बुधवार को हिमाचल प्रदेश से मुंबई लौटी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना से उनके टकराव की वजह से महाराष्ट्र सरकार उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की भी आलोचना की थी।

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