By अंकित सिंह | Jul 11, 2026
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की और साथ ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। दान की चोरी को महापाप बताते हुए, कुमार ने मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट को तुरंत भंग करने की भी मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि चोरी हुई है। मंदिर में महापाप हुआ है। चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ा जाना चाहिए। इसमें कोई 'अगर-मगर' नहीं है।
कुमार ने सत्ताधारी पक्ष पर राजनीतिक फ़ायदे के लिए धार्मिक संस्थानों को नियंत्रित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करेगी, लेकिन भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठाएगी। कुमार ने कहा कि मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट को तुरंत भंग कर दिया जाना चाहिए। मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुआ था और इसकी जांच भी सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में ही होनी चाहिए। जांच सिर्फ़ छोटे-मोटे कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। अयोध्या से लेकर दिल्ली तक, इसमें शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि आप ही बताइए, क्या मंदिर के अंदर चोरी होने से बड़ा कोई पाप हो सकता है? अगर ऐसा पाप हुआ है, तो इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना करने के लिए बीजेपी की भी कड़ी निंदा की। सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार आप चला रहे हैं। ट्रस्ट आपके नियंत्रण में है। आपके लोग ट्रस्ट का हिस्सा हैं। लेकिन जब चोरी को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, तो आपको कांग्रेस याद आती है।
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