By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 27, 2020
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित राजकीय बालिका गृह मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी और संस्था की अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है। निदेशक (महिला कल्याण) मनोज कुमार राय ने शनिवार को बताया कि कानपुर के स्वरूप नगर स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) में लापरवाही बरतने की वजह से उक्त कार्रवाई की गयी है। वहीं प्रदेश सरकार की मंत्री स्वाति सिंह ने आरोप लगाया कि जो भी खबर चल रही है, जान बूझ कर चलवायी गयी है। विपक्ष सरकार की छवि खराब करना चाह रहा है।
राय ने बताया कि निलंबन की अवधि में दोनों को महिला कल्याण निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। इस बीच महिला कल्याण मंत्री स्वाति सिंह ने शुक्रवार को कानपुर पहुंचकर महिला कल्याण विभाग के सभी गृह (संरक्षण गृहों) का निरीक्षण किया। स्वाति सिंह ने कहा कि जो भी खबर चल रही है, जानबूझ कर चलवायी गयी है। लोगों को गुमराह करने और सरकार की छवि खराब करने की जिन लोगों की मानसिकता है, कहीं ना कहीं वो सारी चीजें सामने आ गयी हैं। विपक्ष सरकार की छवि को खराब करना चाह रहा है। उन्होंने कहा कि रैंडम टेस्टिंग में एक बच्ची कोविड-19 से संक्रमित पाई गई। फिर दोबारा सबकी जांच की गई। जितने भी लोग पाजिटिव आये, सबको इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। बाकी को पृथक-वास केन्द्र भेजा।
इसे भी देखें: कानपुर के शेल्टर होम में 57 लड़कियों को कोरोना, 5 प्रेग्नेंट युवतियां भी शामिल