नहीं भुलाया जा सकता करगिल युद्ध के हीरो सौरभ कालिया का बलिदान

By विजयेन्दर शर्मा | Jun 29, 2021

शिमला। आज पूरा राष्ट्र करगिल युद्ध के हीरो कैप्टन सौरभ कालिया को उनकी पुणयतिथि पर उनके बलिदान को स्मरण कर रहा है। 29 जून 1976 को जन्में कैप्टन सौरभ कालिया के बलिदान को लोग आज भूले नहीं हैं उनके परिजनों ने भी आज आने बेटे की याद में हिमाचल प्रदेश के पालमपुर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया था। प्रदेश के कांगड़ा जिला के वीर सपूत सौरभ कालिया को कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने कैप्टन  सौरभ कालिया को युद्ध क्षेत्र से पकडऩे के बाद उन्हें न केवल बंदी बनाया बल्कि उन्हें  क्रूरतापूर्ण अमानवीय यातनाएं देकर मौत के घाट उतारा।  पाकिस्तान के सैनिकों ने बाद में कैप्टन कालिया के क्षत-विक्षत शरीर को उनके परिवार को भेज दिया था।

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भारत ने 13 मई 1999 को पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा अपने इन बहादुर जवानों को बंदी बनाए जाने व उनकी नृशंस हत्या किए जाने के एक दिन बाद 14 मई 1999 को उन्हें मिसिंग घोषित किया था। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगडा के पालमपुर में कैप्टन कालिया की शहादत को सम्मान देने के लिए पालमपुर नगर के निकट खूबसूरत न्यूग्ल खड्ड के साथ आर्कषक स्मारक बनाया गया है। यहां पर पर्यटकों को जहां कारगिल युद्व से जुड़ी जानकारी मिलती है वहीं यह एक ऐसा स्थल बन कर उभरा है जहां पर परिवार के साथ आकर समय बिताना हरेक व्यक्ति पंसद करता है। खूबसूरत झील, एकवेरियम, सैनिकों के स्टैच्यू, हरे-भरे पेड़-पौधों से युक्त स्थल, शहीद स्मारक, रेस्टोरेंट आदि ऐसी सुविधाएं यहां पर जोड़ी गई है जहां पर दिनभर पर्यटक रहना पंसद करते है। इतना ही नहीं अब यहां पर कुछ युवाओं ने रोमांचक खेलों को भी आरम्भ किया है। 

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