By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
कर्नाटक विधानसभा ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित कर पश्चिमी घाट के संरक्षण पर बनी के. कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट को उसके वर्तमान स्वरूप में खारिज कर दिया। रिपोर्ट पर हुई एक विशेष चर्चा के अंत में पारित इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से इसमें मौजूद “कमियों” को दूर करने का आग्रह किया गया। सदन में प्रस्ताव पढ़ते हुए मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में पश्चिमी घाट का इलाका राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
प्रस्ताव में कहा गया, “किसी गांव का पांचवां हिस्सा वन सीमा में आने के आधार पर पूरे गांव को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने से स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।” कस्तूरीरंगन रिपोर्ट में पश्चिमी घाट पर्वत शृंखला के लगभग 37 प्रतिशत यानी लगभग 56,825 से 60,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत कर उसके संरक्षण की सिफारिश की गई थी।