By अंकित सिंह | May 26, 2026
दिल्ली में कांग्रेस उच्च कमान की बैठक के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि कर्नाटक में सिद्धारमैया सत्ता में बने रहेंगे या डीके शिवकुमार पदभार संभालेंगे। कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा भवन पहुंचे दोनों नेताओं के बीच चल रही तात्कालिक लड़ाई अब लंबे समय से लंबित मंत्रिमंडल फेरबदल की ओर बढ़ रही है। सूत्रों ने यह भी कहा कि विभागों का वितरण ही अंततः कर्नाटक में सत्ता के भविष्य के संतुलन को निर्धारित करेगा।
खबर के मुताबिक सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट मिलने की संभावना है। वहीं, उनके बेटे यतींद्र को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो यह कुछ सप्ताह पहले बिहार में हुई घटना से बेहद मिलती-जुलती होगी। नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा में प्रवेश लिया है, और उनके उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका पदभार संभाला है। इसके अलावा, नीतीश के बेटे निशांत कुमार ने पटना में बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया, शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के बीच हुई चर्चाओं में मुख्य रूप से शासन व्यवस्था के प्रदर्शन, गुटों के बीच सामंजस्य और आगामी राज्यसभा चुनावों की तैयारियों पर बात हो सकती है। सूत्रों ने आगे बताया कि केंद्रीय नेतृत्व इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय में दोनों गुटों के बीच खुले टकराव को रोकने के लिए उत्सुक है। ऐसे में कांग्रेस मल्लिकार्जुन खर्गे को मुख्यमंत्री पद के लिए एक समझौता उम्मीदवार के रूप में पेश कर सकती है, जिससे राहुल गांधी के लिए केसी वेणुगोपाल को अगले पार्टी प्रमुख के रूप में आगे बढ़ाने और केंद्रीय पार्टी संगठन में एक बेहद जरूरी बदलाव लाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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