By अभिनय आकाश | Jun 06, 2025
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रशासन को बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया। हाई कोर्ट का यह फैसला राज्य क्रिकेट संघ के अधिकारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्हें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और इवेंट मैनेजमेंट फर्म डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ मामले में दर्ज एफआईआर में नाम आने के बाद गिरफ्तारी से संरक्षण दिया गया था। तीन आयोजकों पर घटना में आपराधिक लापरवाही के लिए मामला दर्ज किया गया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और 56 अन्य घायल हो गए थे, जब 4 जून को आईपीएल 18 विजेता आरसीबी को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह के दौरान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ एकत्र हुई थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को खुद कहा था कि आयोजकों- आरसीबी, डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और केएससीए के प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी होगी। हालांकि, अदालत ने अधिकारियों को गिरफ्तारी से सुरक्षा का आश्वासन दिया और मामले को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख तय की। इससे पहले, केएससीए ने आरसीबी की जीत के जश्न के दौरान मची अराजकता से खुद को अलग कर लिया और राज्य सरकार, आरसीबी और कार्यक्रम आयोजकों को कुप्रबंधन के लिए दोषी ठहराया, जिसके कारण भगदड़ मच गई।