By अंकित सिंह | Jul 03, 2026
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग (KSEC) पर आरोप लगाया है कि उसने 'राहुल गांधी को खुश करने' के लिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) इलाके में वोटर लिस्ट का 'समांतर' स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) किया है। करंदलाजे ने पूरे कर्नाटक में वोटर लिस्ट को फिर से ठीक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने दो पत्र लिखे हैं - जिनमें से एक मुख्य चुनाव आयुक्त को भी लिखा गया है - ताकि GBA के तहत विधानसभा क्षेत्रों में KSEC की ओर से की जा रही वोटर लिस्ट में बदलाव के मामले में तुरंत दखल दिया जा सके।
करंदलाजे ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार एक नई 'गैर-कानूनी' वोटर लिस्ट तैयार कर रही है और कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वे गैर-कानूनी प्रवासियों को वोटर लिस्ट में शामिल करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फिर से एक गैर-कानूनी वोटर लिस्ट तैयार करने जा रही है। आपके अधिकारी गैर-कानूनी तरीके से गैर-कानूनी वोटरों को लिस्ट में जोड़ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने बांग्लादेशियों को यहां का नागरिक बना दिया है। मुख्यमंत्री के ज़ुबानी आदेशों पर गैर-कानूनी प्रवासियों को यहां वोटर बनाया जा रहा है। मस्जिदों में BLO तैनात किए जा रहे हैं और वोटर लिस्ट में गैर-कानूनी नाम शामिल किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है।
उन्होंने राज्य पर यह आरोप भी लगाया कि इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए गैर-कानूनी तरीके से जन्म प्रमाण-पत्र और स्थायी निवासी प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं। करंदलाजे ने कहा कि आप कर्नाटक के कई साइबर सेंटरों में गैर-कानूनी तरीके से जन्म प्रमाण-पत्र दे रहे हैं। आपने घोषणा की है कि आप कर्नाटक राज्य में पैदा हुए लोगों को स्थायी निवासी प्रमाण-पत्र देंगे। हमारे पास यहां सभी दस्तावेज मौजूद हैं। तो, आप यह निवासी प्रमाण-पत्र किसे देने वाले थे? आप यह निवासी प्रमाण-पत्र बांग्लादेश से आए लोगों को मतदाता बनाने के लिए लाए हैं। अगला चुनाव जीतने के लिए आप बांग्लादेशियों को यह प्रमाण-पत्र देने जा रहे हैं।
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