By एकता | Feb 22, 2026
मशहूर भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। कत्याल का कहना है कि राष्ट्रपति अपनी मर्जी से ऐसे टैक्स नहीं थोप सकते और उन्हें इसके लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी लेनी चाहिए।
ट्रंप के इस फैसले का सीधा असर भारत पर भी पड़ेगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, भारत जैसे देश भी इस नए ग्लोबल टैरिफ के दायरे में आएंगे। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका व्यापार को लेकर एक समझौते पर काम कर रहे हैं। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एंटी-अमेरिकन बताते हुए अपने फैसले को सही ठहराया है।
नील कत्याल अमेरिका के सबसे प्रभावशाली वकीलों में से एक हैं। उनका जन्म शिकागो में भारतीय माता-पिता (एक डॉक्टर और एक इंजीनियर) के घर हुआ था। वे येल लॉ स्कूल से पढ़े हैं और राष्ट्रपति ओबामा के समय में 'एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल' रह चुके हैं। उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा केस लड़े हैं। वे ट्रंप के 2017 के ट्रैवल बैन जैसे बड़े मामलों को चुनौती देने के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और संवैधानिक मामलों के बड़े विशेषज्ञ माने जाते हैं।