केजरीवाल को जमानत नहीं, सिसोदिया को भी टालनी पड़ी पदयात्रा, अब क्या करेगी AAP?

By अंकित सिंह | Aug 14, 2024

आम आदमी पार्टी के लिए सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। भले ही सुप्रीम कोर्ट से मनीष सिसोदिया को जमानत मिल गई हो लेकिन पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अभी भी राहत का इंतजार है। आबकारी नीति मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल अंतरिम जमानत नहीं मिली है। अरविंद केजरीवाल के लिए यह एक बड़ा झटका है। उच्चतम न्यायालय ने आबकारी नीति में कथित घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर उनकी याचिका पर कहा कि हम कोई अंतरिम जमानत नहीं दे रहे हैं। 

 

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अदालत में केजरीवाल के पक्ष में सिसोदिया वाली दलील दी गई थी जो कि चल नहीं सकी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने केजरीवाल द्वारा दायर याचिकाओं पर सीबीआई को नोटिस भी जारी किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय के 5 अगस्त के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई और उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी से कहा कि हम कोई अंतरिम जमानत नहीं दे रहे हैं। हम नोटिस जारी करेंगे।


वहीं, आज पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को भी अपना पदयात्रा को 16 अगस्त तक के लिए टालना पड़ा है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पदयात्रा न करने की सलाह दी थी। आप नेता और दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें दिल्ली पुलिस की सलाह सही लगी। उन्होंने बताया कि पार्टी ने घोषणा की थी कि आज से पार्टी नेता मनीष सिसोदिया दिल्ली भर में पदयात्रा करेंगे और लोगों से मिलेंगे। पदयात्रा आज ग्रेटर कैलाश से शुरू होनी थी। कल दिल्ली पुलिस की सलाह पर हमने स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा चिंताओं के कारण पदयात्रा स्थगित करने का फैसला किया है। इसलिए अब पदयात्रा 16 अगस्त को शाम 5 बजे ग्रेटर कैलाश से शुरू होगी।

 

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वहीं, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के गृह मंत्री कैलाश गहलोत को राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए नामित किया। इससे पहले आप सरकार ने शिक्षा मंत्री आतिशी को यह अनुमति देने का अनुरोध किया था। हालांकि, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने उपराज्यपाल के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें ‘‘नियुक्त प्रतिनिधि के स्थान पर निर्वाचित प्रतिनिधि को तरजीह देकर लोकतंत्र के सिद्धांत का सम्मान किया गया है।’’ इससे पहले दिन में, स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली सरकार के आधिकारिक समारोह में राष्ट्रीय ध्वज कौन फहराएगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी और सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ध्वज फहराने के लिए अपनी ओर से दिल्ली की मंत्री आतिशी को अधिकृत नहीं कर सकते।

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