By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 19, 2026
केरलम विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने सोमवार को केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) पर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा कि सत्ता में आने वाली नयी सरकार की नीतियां पिछली सरकार से अलग हो सकती हैं। राधाकृष्णन एक विशेषज्ञ समिति की उन सिफारिशों से जुड़े पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें केआईआईएफबी की अलग से धन जुटाने वाली और परियोजनाओं के वित्तपोषण करने वाली संस्था के रूप में भूमिका समाप्त करने की बात कही गई है। इस सुझाव ने उस वित्तीय मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसके आधार पर राज्य में बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाता रहा है।
मुख्यमंत्री ने केआईआईएफबी पर एक ‘अलग साम्राज्य’ की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य सरकार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों की पड़ताल करेगी और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बड़ी मात्रा में केआईआईएफबी के धन का इस्तेमाल कन्नूर जिले में बहुत ऊंची दरों पर जमीन के बड़े हिस्से खरीदने के लिए किया गया और इसमें से ज्यादातर जमीन का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने रविवार को सतीशन और सरकार पर पलटवार करते हुए सवाल किया कि कन्नूर में केआईआईएफबी के धन का इस्तेमाल करने में क्या गलत है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या कन्नूर केरल में नहीं है?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा यूडीएफ प्रशासन राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने की कोशिश कर रहा है।