केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने ‘हिंदी’ को लेकर शाह पर साधा निशाना

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 15, 2019

तिरुवनंतपुरम। हिंदी भाषा पर अमित शाह के बयान को लेकर उनकी आलोचना करते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को कहा कि यह विवाद खड़ा करने का “सुनियोजित प्रयास” है जिससे देश के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं से ध्यान बंटाया जा सके। उन्होंने इसे गैर हिंदी भाषी लोगों की मातृ भाषा के खिलाफ ‘युद्धघोष’ करार दिया। मुख्यमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इस मुद्दे पर कई जगहों पर प्रदर्शन होने के बावजूद शाह “हिंदी एजेंडा” से हटने को तैयार नहीं है, ये संकेत हैं जो दिखाते हैं कि संघ परिवार एक और “आंदोलन का मंच” खोलने की तैयारी कर रहा है। 

इसे भी पढ़ें: पूर्वोत्तर में अनुच्छेद 371 पर भाजपा को घेरेगी कांग्रेस, जनता को करेगी लामबंद

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने हालांकि इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि भाषा लोगों को प्रेरित और एकजुट करती है और हिंदी से देश की एकता को और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने शनिवार को हिंदी दिवस के मौके पर एक ट्वीट में कहा, “एक भाषा लोगों को प्रेरित और एकजुट करती है। आइए हिंदी के जरिये अपनी एकता को और सुदृढ़ करें, हमारी राष्ट्रीय भाषा। हमारी मातृभाषा के साथ, हिंदी का इस्तेमाल भी अपने कामों में करें।”

 

इसे भी पढ़ें: त्रिभाषा फार्मूले का सम्मान करें गृह मंत्री, विवाद नहीं पैदा करें: कांग्रेस

 

अमित शाह ने हिंदी दिवस के अवसर पर शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘भारत में कई भाषाएं हैं और हर भाषा का अपना महत्व है। लेकिन यह बेहद जरूरी है कि पूरे देश में एक भाषा होनी चाहिए जो वैश्विक रूप से भारत की पहचान बने।’’ शाह पर तीखा हमला बोलते हुए विजयन ने कहा कि यह धारणा “बेतुकी” है कि हिंदी राष्ट्र को एकजुट कर सकती है और यह कदम अपनी मातृभाषा से प्यार करने वालों के खिलाफ “युद्धघोष” है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

अस्पताल पर सवाल, अपनी ही सरकार से तकरार, Bihar Assembly में क्यों छाईं MLA Maithili Thakur?

कर्ज के बोझ से हैं परेशान? Tuesday को जपें Lord Hanuman के ये चमत्कारी Mantra

राजनीति से परे दिखी चिंता, बीमार Sharad Pawar को PM Modi और Rajnath Singh ने किया फोन

Thalapathy Vijay की Jana Nayagan को बड़ी राहत! मेकर्स ने सेंसर बोर्ड के खिलाफ केस लिया वापस, अब रिवाइजिंग कमेटी तय करेगी भविष्य