By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 19, 2022
राज्यपाल ने साफ कर दिया कि कि वह पेंशन मामले को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं यहां प्रशासन चलाने के लिए नहीं हूं। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए हूं कि सरकार का कामकाज संविधान के प्रावधानों और संवैधानिक नैतिकता के अनुरूप रहे।’’ खान ने कहा कि इसके पहले केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करते समय वह केवल 11 लोगों को अपना निजी कर्मचारी नियुक्त कर सकते थे, लेकिन केरल में प्रत्येक मंत्री के पास 20 से अधिक निजी कर्मचारी होते हैं, जिससे राज्य के खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है। खान ने कहा कि देश में कहीं भी इस तरह के निजी कर्मचारी पेंशन प्राप्त करने के पात्र नहीं हैं।