नाबालिग से शादी पॉक्सो के तहत कार्रवाई से नहीं बचा सकती: केरल उच्च न्यायालय

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 01, 2026

कोच्चि, एक सितंबर केरल उच्च न्यायालय ने 17 वर्षीय एक किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि भले ही उसकी शादी मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों से हुई हो, फिर भी यह उसे पॉक्सो कानून के तहत आपराधिक मामले से नहीं बचाएगा। न्यायमूर्ति जोबिन सेबेस्टियन ने मन्नारक्कड़ पुलिस थाने में दर्ज मामले के पहले आरोपी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। यह मामला पट्टाम्बी की त्वरित विशेष अदालत में लंबित है।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘अगर बहस के लिए यह मान भी लिया जाए कि शादी मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार हुई थी, तो भी इससे याचिकाकर्ता की आपराधिक जवाबदेही खत्म नहीं होगी, खासकर इसलिए क्योंकि कथित शादी और उसके बाद हुए यौन अपराधों के समय लड़की की उम्र 17 साल थी।’’ अदालत ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि अगर शादी करने वाले जोड़े में से कोई एक नाबालिग है, तो पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे, भले ही पर्सनल लॉ के तहत शादी वैध हो या नहीं।’’ आरोपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 528 के तहत कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 अक्टूबर 2021 को आरोपी किशोरी को कार में अपने घर ले गया और 23 से 26 अक्टूबर के बीच कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। दूसरे और तीसरे आरोपी ने कथित तौर पर इस अपराध में मदद की।

अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि किशोरी के माता-पिता को पहले आरोपी द्वारा किए गए कथित अपराध के बारे में पता होने के बावजूद, उन्होंने न तो उसे मायके वापस बुलाया और न ही अधिकारियों को इस मामले की सूचना दी।

प्रमुख खबरें

Bhagwant Mann को Delhi Airport पर 3 घंटे रोका, लगाया 50 हजार का जुर्माना: AAP

वैश्विक सुस्ती के बीच Indian Economy 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही: Rajnath Singh

Kolkata Stampede: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों को दिए 25-25 लाख रुपये

Delhi CMO की बैठकों में अनिवार्य होगी अफसरों की मौजूदगी, सरकार ने जारी किया सख्त आदेश