By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 12, 2026
केरल उच्च न्यायालय ने विड़िण्गम बंदरगाह के खिलाफ प्रदर्शनों के लिए धन मुहैया कराने के आरोप में दो गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं करने के केंद्र के फैसले को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि किसी विरोध प्रदर्शन को आर्थिक सहायता देना विदेशी धन का दुरुपयोग या उसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना नहीं माना जा सकता। इन एनजीओ पर विड़िण्गम समुद्री बंदरगाह के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को आर्थिक मदद देने का आरोप है।
आदेश में कहा गया है, ‘‘इसलिए, अगर यह मान भी लिया जाए कि प्रदर्शनकारियों को कुछ आर्थिक मदद दी गई थी तो भी यह विदेशी योगदान का किसी गलत उद्देश्य या जनहित के खिलाफ इस्तेमाल नहीं कहा जा सकता और न ही इसे एफसीआरए के किसी प्रावधान का उल्लंघन माना जा सकता है।