By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 10, 2026
केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आठ सप्ताह के भीतर सभी जिलों में जिला पशु बाजार निगरानी समितियां गठित नहीं की गईं, तो वह केरलम की सभी पशु मंडियों को बंद कर देगा। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी. एम. की पीठ ने यह निर्देश तब दिया जब उसे पता चला कि इडुक्की जिले को छोड़कर राज्य में कहीं भी इन समितियों का गठन नहीं किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि हालांकि विभिन्न जिलों ने दावा किया है कि वे ‘पशु क्रूरता निवारण (पशुधन बाजार विनियमन) नियम, 2017’ का सख्ती से पालन कर रहे हैं, लेकिन जब्त किए गए और मामले की संपत्ति के रूप में पेश किए गए पशुओं के संबंध में कोई विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
अदालत पशु अधिकार कार्यकर्ता एंजेल्स नायर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि पशु मंडियों से संबंधित 2017 के नियमों का उल्लंघन करते हुए व्यापार के लिए लाए गए मवेशियों को चिलचिलाती धूप में भूखा-प्यासा बांधकर रखा जाता है।