By अभिनय आकाश | Jan 18, 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामिनई ने हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है। इससे पहले मानवाधिकार समूहों ने कहा था कि सुरक्षा बलों की हिंसक कारवाही में हजारों लोगों की जान गई है। खामिनई ने कहा कि ईरान को अमेरिका निगलना चाहता है और यह अमेरिकी साजिश थी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को दंगाइयों की कमर तोड़ देनी चाहिए। खामिनई ने एक धार्मिक छुट्टी के मौके पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम देश को युद्ध की ओर नहीं ले जाना चाहते लेकिन हम अपने घरेलू अपराधियों को नहीं बखशेंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को भी सजा से नहीं बख्शा जाएगा।
ईरानी राष्ट्र को दंगाइयों की कमर तोड़ देनी चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे उसने पहले भी विद्रोह की कमर तोड़ी थी। ईरान में हफ्तों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। यह प्रदर्शन 28 दिसंबर को आर्थिक मुश्किलों को लेकर शुरू हुए थे और बाद में बड़े प्रदर्शनों में बदल गए। इसमें इस्लामिक रिपब्लिक में मौलवी शासन खत्म करने की मांग की गई थी। ट्रंप ने बार-बार दखल देने की धमकी दी जिसमें यह दावा भी शामिल है कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी या फिर उन पर कोई सख्त कारवाई की तो वह बहुत कड़ी कारवाई करेंगे। लेकिन शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तेहरान के नेताओं को धन्यवाद दिया। यह कहते हुए कि उन्होंने सामूहिक फांसी रोक दी है।
ईरान ने कहा कि लोगों को फांसी देने की कोई योजना नहीं है। अमेरिका के एचआरएए अधिकार समूह ने कहा कि उसने 390 मौतों की पुष्टि की है जिसमें 2885 प्रदर्शनकारी शामिल हैं और 22,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई है। इंटरनेट बंद होने की वजह से जानकारी मिलना मुश्किल हो गया था जिससे शनिवार को कुछ हद तक बहाल कर दिया गया।