By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 30, 2026
भारत के महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा अंडर 15 तलाश योजना को लेकर काफी उत्साहित हैं और उन्होंने उम्मीद जताई है कि त्वरित नतीजों पर फोकस करने की बजाय युवाओं को तराशने के लिये संयम और चतुराई से काम लिया जायेगा। खेल मंत्रालय ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए खेलो इंडिया योजना के तहत युवा खिलाड़ियों का एक समूह तैयार करने के लिए चार चरणों वाला प्रतिभा पहचान और विकास मॉड्यूल बनाया है। इन खिलाड़ियों को 2036 ओलंपिक के लिए पदक के दावेदारों के रूप में तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा ,‘‘हो सकता है कि 14 साल की उम्र में कोई बच्चा सबसे बेहतर न हो लेकिन 24 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उसमें असाधारण बनने की पूरी क्षमता हो सकती है। जैसे भारत इस महत्वपूर्ण सफर की शुरुआत कर रहा है, मुझे उम्मीद है कि हम एक ऐसी व्यवस्था बनायेंगे जो न केवल प्रतिभा को पहचाने, बल्कि उसे निखारने के लिए धैर्य भी रखे।
जिसमें तुरंत मिलने वाले नतीजों से आगे देखने की समझ हो और जिसमें इतनी संवेदना हो कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी बच्चे का सपना कभी भी सिर्फ एक दिन की परीक्षा से तय न हो।’’ चार चरण का मॉड्यूल फाउंडेशन, ग्रासरूट, इंटरमीडिएट और एलीट स्तर का होगा जिसे सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) का समर्थन हासिल है।