By अनन्या मिश्रा | Dec 23, 2025
गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन एक ऐसी दर्दनाक स्थिति है, जिसमें डाइट और लाइफस्टाइल पर कंट्रोल रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या किडनी स्टोन के मरीज तला-भुना खा सकते हैं। बता दें कि तले-भुने खाने में फैट और सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। ज्यादा फैट का सेवन करने से शरीर पाचन तंत्र को बाधित करता है और पथरी की समस्या को बढ़ा सकता है।
किडनी स्टोन के मरीजों को नमक का कम से कम सेवन करना चाहिए। ज्यादा सोडियन वाला खाना मूत्र में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ा देते हैं। जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी बनने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए डिब्बाबंद सूप, पैकेज्ड फूड्स, सॉस और अचार को खाने से पूरी तरह से परहेज करना चाहिए। क्योंकि इन सभी चीजों को सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है।
पथरी कई तरह की होती है, जिनमें से एक पथरी का प्रकार कैल्शियम ऑक्सालेट भी है। यह पथरी का सबसे आम प्रकार माना जाता है। अगर यह पथरी हो जाए, तो व्यक्ति को ऑक्सालेट से भरपूर खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए। इनमें मुख्य रूप से चुकंदर, चॉकलेट, पालक और चाय का ज्यादा सेवन शामिल है। इसलिए इन चीजों का सेवन नहीं करें या फिर सीमित मात्रा में करें।
समुद्री खाना, रेड मीट और मुर्गे में प्यूरीन की मात्रा ज्यादा होती है। शरीर में प्यूरीन के टूटने से यूरिक एसिड बनता है। ज्यादा नॉनवेज खाने से यूरिक एसिड पथरी का खतना अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में प्रोटीन का सेवन संतुलित रखना चाहिए। क्योंकि अधिक प्रोटीन लेने से किडनी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
बता दें कि कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक में चीनी और फॉस्फोरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है। वहीं यह दोनों ही तत्व मूत्र में पथरी बनाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। आर्टिफिशियल शुगर और फ्लेवर्ड जूस भी किडनी के लिए अच्छे नहीं होते हैं। इसकी जगह पर आप नींबू पानी या फिर सादा पानी पीना ज्यादा फायदेमंद होता है।