By अंकित सिंह | Aug 05, 2026
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) और समाजवादी पार्टी (SP) पर भगवान राम विरोधी रुख अपनाने और लगातार भगवान राम के अस्तित्व का विरोध करने के साथ-साथ राम मंदिर के निर्माण का भी विरोध करने का आरोप लगाया। बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए, रिजिजू ने अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित चोरी को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों की आलोचना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन पार्टियों के सदस्यों ने मंदिर निर्माण के प्रति अपना विरोध जताने के लिए काली पट्टियाँ पहनी थीं।
ये बातें विपक्ष के सांसदों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच कही गईं, जिसकी वजह से संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले बुधवार को, परिसीमन बिल पर चर्चा के लिए संसद में सरकार और विपक्ष के नेताओं के बीच एक बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के दफ्तर में हुई यह बैठक लगभग 50 मिनट तक चली। कांग्रेस नेताओं ने पुष्टि की कि संसदीय गतिरोध को खत्म करने के मकसद से हुई चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू ने परिसीमन बिल पर विपक्ष का रुख जानना चाहा।
इसके अलावा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के सांसदों ने प्रेरणा स्थल पर गांधी जी की प्रतिमा से संसद के मकर द्वार तक मार्च किया। यह विरोध प्रदर्शन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ था, जिसमें 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी और अन्य मुद्दों को उठाया गया।
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