By एकता | Jul 20, 2025
संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार ने विपक्ष की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पर चल रहे संघर्ष जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग की थी।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया दावे को लेकर सदन में विवाद खडा करने की तैयारी में है, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कर शत्रुता समाप्त करने की बात कही थी। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार सदन में इस विषय पर उचित जवाब देगी।
मानसून सत्र में विपक्ष की रणनीति: एसआईआर, पहलगाम हमला और ट्रंप के दावे पर घेराबंदी की तैयारी
संसद का आगामी मानसून सत्र हंगामेदार होने की प्रबल संभावना है, क्योंकि विपक्ष ने केंद्र सरकार को कई विवादास्पद मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह एक सार्थक और बहस-आधारित सत्र के लिए पूरी तरह तैयार है।
मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में, विपक्षी नेताओं ने उन प्रमुख मुद्दों को रेखांकित किया जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं। इनमें बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताएं, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हालिया आतंकवादी हमला, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का विवादास्पद दावा शामिल है।
विपक्ष की रणनीति इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही मांगने और जनता का ध्यान आकर्षित करने पर केंद्रित होगी, जिससे सत्र के दौरान तीखी बहस और गतिरोध देखने को मिल सकता है। सरकार ने अपनी ओर से इन चुनौतियों का सामना करने और सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए तत्परता दिखाई है।