By Neeraj Kumar Dubey | Jul 10, 2024
राजस्थान सरकार से इस्तीफा दे चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक डॉ. किरोडी लाल मीणा के समर्थन में अब कांग्रेस के बड़े नेता उतर आये हैं। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किरोडी लाल मीणा की तारीफ करते हुए कहा है कि वह स्पष्टवादी नेता हैं और सही बात कहने से कभी नहीं हिचकते। कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने कहा कि किरोडी लाल मीणा साफ बात बोलते हैं भले उससे उन्हें कितना भी नुकसान क्यों ना हो जाये। उन्होंने कहा कि मीणा ने हमेशा पार्टी संगठन से ऊपर जाकर भी सच्चाई बोली है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को चाहिए कि वह वरिष्ठ नेता किरोडी लाल मीणा का सम्मान करे।
वहीं पिछले दिनों दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात करने के बाद से किरोडी लाल मीणा चुप्पी साधे हुए हैं। उन्हें इस सप्ताह के अंत में फिर दिल्ली बुलाया गया है। माना जा रहा है कि उन्हें राजस्थान से दिल्ली की राजनीति में वापस बुलाया जा रहा है। नड्डा ने इस बारे में मीणा को पिछली मुलाकात के दौरान संभवतः बता भी दिया था और उन्हें इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए लगभग सप्ताह भर का समय दिया था। किरोडी लाल मीणा के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह तो तय है कि वह अपने इस्तीफे को वापस नहीं लेंगे।
इस बीच, आज से राजस्थान विधानसभा का सत्र शुरू हुआ है और राजस्थान सरकार ने जो बजट पेश किया है उसकी किरोडी लाल मीणा ने भरपूर तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि युवाओं का भविष्य संवार रही है भजनलाल सरकार, इस बजट में युवाओं के लिए है रोजगार का उपहार। किरोडी लाल मीणा ने इसके साथ ही बजट के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए राजस्थान सरकार की तारीफ भी की है। बताया जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान भी विधायकों के बीच किरोडी लाल मीणा चर्चा का विषय बने हुए थे।
जहां तक उनके इस्तीफे की बात है तो आपको याद दिला दें कि उन्होंने बार-बार यही कहा है कि उनकी संगठन या मुख्यमंत्री से कोई नाराजगी नहीं है और उन्होंने अपनी उस सार्वजनिक घोषणा के कारण इस्तीफा दिया है कि अगर पार्टी उनके अधीन वाली लोकसभा सीटें हारती है तो वे इस्तीफा दे देंगे। दरअसल किरोडी लाल मीणा ने दौसा, भरतपुर, करौली-धौलपुर, अलवर, टोंक-सवाई माधोपुर और कोटा-बूंदी समेत पूर्वी राजस्थान की सीट पर प्रचार किया था। भाजपा इनमें से भरतपुर, दौसा, टोंक-सवाईमाधोपुर और धौलपुर-करौली सीट कांग्रेस से हार गई।