Dawoodi Bohra Community से PM Modi का क्या है रिश्ता? मोदी ने क्यों खुद को बताया दाऊदी बोहरा समुदाय का सदस्य?

By गौतम मोरारका | Feb 11, 2023

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को मुंबई के दौरे पर थे। वहां उन्होंने दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के अलावा प्रभावशाली दाऊदी बोहरा समुदाय के एक कार्यक्रम में भी शिरकत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खुद को दाऊदी बोहरा समुदाय का एक हिस्सा बताया। उन्होंने समय के साथ बदलाव लाने के लिये बोहरा समुदाय के सदस्यों की सराहना भी की। मुंबई के उपनगरीय अंधेरी के मरोल में एक कार्यक्रम में खुद को प्रधानमंत्री की बजाय दाऊदी बोहरा समुदाय के एक परिवार के सदस्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए मोदी ने सामाजिक समूह के साथ अपने दशकों पुराने घनिष्ठ संबंधों को भी याद किया।

इस्लाम के उप-समूह माने जाने वाले दाऊदी बोहरा समुदाय की विरासत फ़ातिमी इमामों से जुड़ी हुई है, जिन्हें मुहम्मद (570-632) का वंशज माना जाता है। बताया जाता है कि यह समुदाय मुख्य रूप से 21 इमामों के प्रति ही श्रद्धा रखता है। उनके आखिरी इमाम तैयब अबुल कासिम माने जाते हैं। पारम्परिक वेशभूषा में ही रहने वाले दाऊदी बोहरा समुदाय में भी शिया और सुन्नी होते हैं। वैसे इस समुदाय के ज़्यादातर लोग शियाओं से समानता रखते हैं। इस समुदाय की महिलाएं अन्य मुस्लिम महिलाओं की तरह काले रंग का बुर्का पहनने की बजाय गुलाबी रंग का बुर्का पहनती हैं। पूर्ण रूप से इस्लामिक कानून को मानने वाला यह समुदाय अन्य मुस्लिमों की तरह ही दिन में पांच बार नमाज पढ़ता है, रमजान के पाक माह में रोजा रखता है तथा हज और उमराह करता है। इस समुदाय के बारे में एक और रोचक जानकारी मिलती है वह यह है कि बोहरा शब्द गुजराती शब्द वोहरू से निकला है। वोहरू का अर्थ व्यापार बताया जाता है इसलिए इस समुदाय के लोग ज्यादातर व्यापार क्षेत्र से ही जुड़े होते हैं।

इस समुदाय के बारे में यह भी जानकारी मिलती है कि जिस तरह हिंदुओं में विभिन्न जातियां और जातियों के अंदर उपजातियां होती हैं उसी तरह मुस्लिमों के दो बड़े फिरके शिया और सुन्नी होते हैं। दुनिया के जितने भी मुस्लिम देश हैं उनमें सुन्नी मुस्लिमों की बहुतायत है जबकि ईरान शिया मुस्लिमों की बहुलता वाला देश है। भारत में भी सुन्नी मुसलमानों की ही सर्वाधिक संख्या है और शिया आबादी बहुत कम है। हम आपको यह भी बता दें कि मुस्लिमों के दोनों बड़े फिरके शिया और सुन्नी में बोहरा समुदाय पाया जाता है। सुन्नी वाले बोहरा समुदाय को सुन्नी बोहरा कहा जाता है जबकि शियाओं का बोहरा समुदाय दाऊदी बोहरा के नाम से जाना जाता है। यह कारोबारी समुदाय भारत में गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के इंदौर में सर्वाधिक पाया जाता है जबकि पाकिस्तान में सिंध प्रांत में इस समुदाय के लोग बड़ी संख्या में पाये जाते हैं।

इस समुदाय के लोगों का चूंकि गुजरात से पुराना नाता है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान भी दाऊदी बोहरा समुदाय के लोगों से मिलते रहते थे और उनके कार्यक्रमों में जाते रहते थे। 2018 में भी इंदौर में इस समुदाय के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शामिल हुए थे। दाऊदी बोहरा समुदाय के लोग चूंकि महाराष्ट्र के मुंबई में सर्वाधिक रहते हैं और मुंबई नगर निगम के चुनाव नजदीक हैं, इसलिए यह भी माना जा रहा है कि इस समुदाय के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने का यह भाजपा का एक प्रयास भी था।

-गौतम मोरारका

प्रमुख खबरें

Supreme Court ने 105 साल के Rasik Chandra Mandal को दी राहत, उम्रकैद की सजा माफ

ताकि बचा रहे बचपन

Rahul Gandhi के धरने पर BJP भड़की, Ravi Shankar Prasad बोले- यह अराजकता की राजनीति

Treesa-Gayatri ने World Championship में पदक पक्का किया, चीन को हराया